पार्क तोड़कर 300 बेड के मॉडल अस्पताल का होगा निर्माण, खर्च होंगे 40 करोड़।
समस्तीपुर: समस्तीपुर सदर अस्पताल परिसर में पुराने पार्क को तोड़कर 300 बेड के मॉडल अस्पताल का निर्माण हो रहा। अब दवा भंडार केंद्र और डायलिसिस सेंटर को दूसरे भवन में शिफ्ट किया जा रहा। वहीं, अस्पताल परिसर में ही पांच मंजिला 200 बेड का चाइल्ड एंड मेटरनिटी सेंटर का निर्माण चल रहा।
अस्पताल परिसर में दोनों केंद्र बन जाने से यहां के मरीजों को पीएमसीएच और डीएमसीएच रेफर करने का झंझट समाप्त हो जाएगा। जिससे स्थानीय लोगों को बेहतर सुविधा मिल पाएगा। इस केंद्र के निर्माण पर करीब 40 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है।
सदर अस्पताल के डीएस डॉ गिरीश कुमार ने बताया कि इसको लेकर डीपीआर बनकर तैयार हैे। वैसे अभी कार्य एजेंसी को वर्क ऑडर नहीं मिला है। लेकिन कार्य एजेंसी द्वारा जगह खाली कराने का कार्य शुरू कर दिया गया है। नए अस्पताल में एक ही छत के नीचे लेबर रूम, ओटी, पेइंग वार्ड, लिफ्ट, रैंप सहित कई सुविधा मरीजों को मिलेगी।
सिविल सर्जन डॉ एसके चौधरी ने बताया कि कुछ परेशानी के कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया था अब सभी बाधाओं को दूर कर दिया गया है।मॉडल अस्पताल का भवन -पांच मंजिला होगा। भवन में लिफ्ट लगायी जाएगी। ताकी दिव्यांग मरीजों को परेशानी नहीं हो।
सदर अस्पताल के डेवलपमेंट होने पर मरीजों को भी बेहतर सुविधा मिलने वाली है। डीएस ने बताया कि नये भवन में लिफ्ट और रैंप बनाया जाएगा। जिससे किसी भी मंजिल पर मरीजों को लाने ले जाने में कर्मियों को परेशानी नहीं होगी। खासकर सिजेरियन पेशेंट के लिए बहुत बड़ी सुविधा मिलेगी।
उन्होंने बताया कि हॉस्पिटल में कम से कम 20 बेड का आईसीयू भी बनाया जाएगा। जहां गंभीर मरीजों को बेहतर उपचार के लिए रखा जाएगा। डॉक्टर व कर्मचारी की संख्या भी बढ़ेगी व अन्य मेडिकल कर्मियों की भी संख्या बढ़ाई जाएगी।इससे गंभीर मरीजों को रेफर करने का झंझट भी खत्म हो जाएगा।
सदर अस्पताल को मॉडल अस्पताल के रूप में विकसित करने पर डॉक्टर, नर्स के अलावा पारा मेडिकल कर्मी एवं अन्य मेडिकल कर्मियों की संख्या बढ़ाई जाएगी। सदर अस्पताल में अभी कुल मिलाकर 40 डॉक्टर हैं। अस्पताल को विकसित किए जाने के बाद डॉक्टरों की संख्या 50 से अधिक होगी।वहीं नर्स की संख्या भी 100 से अधिक की जाएगी।
सदर अस्पताल के डीएस डॉ गिरीश कुमारा ने कहा कि अभी कार्य एजेंसी को वर्क ऑडर नहीं मिला है। हालांकि एजेंसी ने कार्य शुरू कर दिया है। मॉडल अस्पताल 300 बेडों का होगा। भवन पांच मंजिला होगा। मरीजों को एक ही छत के नीचे सभी प्रकार की सुविधा मिलेगी। आइसीयू बेड की व्यवस्था होगी। जिससे गंभीर मरीजों को रेफर करने का झंझट खत्म हो जाएगा।
