Featured

समस्तीपुर : मॉडल सौर जिला बनेगा समस्तीपुर, 346 पंचायतों की बदलेगी तस्वीर, केंद्र सरकार ने दिया निर्देश

उत्तर बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के प्रबंध निदेशक नीलेश रामचंद्र देवरे ने जिलाधिकारी को प्रधानमंत्री सूर्य घर नि:शुल्क बिजली योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए हैं. समस्तीपुर: छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने की क्षमता बढ़ाने और घरों को अपनी बिजली खुद बनाने में सक्षम बनाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को मंजूरी दी गई है. इस योजना का कुल बजट 75,021 करोड़ रुपए है और इसे वर्ष 2026-27 तक लागू किया जाना है. केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत “मॉडल सोलर विलेज” स्थापित करने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं. नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने समस्तीपुर जिलाधिकारी को अपने समस्तीपुर जिले की 346 पंचायतों में से एक “मॉडल सोलर विलेज” चुनने का निर्देश दिया.

यह चयनित गांव दूसरों गांवों के लिए बेंचमार्क के रूप में काम करेगा. इसे सुविधाजनक बनाने के लिए, डीएम को एक जिला-स्तरीय समिति बना सकते. जिसमें डीएम, डीडीसी, ब्रेडा, उत्तर बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के अधिकारी, सभी BDO और स्थानीय प्रतिनिधि शामिल होंगे. इस पहल का उद्देश्य सौर ऊर्जा के उपयोग को प्रोत्साहित करना और ग्रामीण समुदायों को अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए सशक्त बनाना है. चुने गए आदर्श सौर गांव को 1 करोड़ रुपये का अनुदान दिया जाएगा. गांवों का चयन जिला स्तरीय समिति द्वारा प्रतिस्पर्धी चयन प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा.

क्या कहते हैं सहायक परियोजना अभियंता
संदीप कुमार, सहायक परियोजना अभियंता, ब्रेडा, समस्तीपुर ने बताया कि उन्हें जिला स्तरीय चयन समिति बनाने के लिए पत्र प्राप्त हो गया है.उन्होंने कहा कि जल्द ही समिति का गठन कर लिया जाएगा और मॉडल सौर गांव के चयन की प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा. यह कदम पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए महत्वपूर्ण है, और इससे सौर ऊर्जा के क्षेत्र में प्रगति सुनिश्चित की जाएगी.

5000 से अधिक आबादी वाले गांव को दी जाएगी प्राथमिकता
5,000 या उससे अधिक आबादी वाले गांवों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा.कई पात्र गांवों पर विचार किया जाएगा और कड़ी प्रतिस्पर्धा के आधार पर एक का चयन किया जाएगा. चुने गए गांव को सौर ऊर्जा विकास के लिए एक मॉडल में बदल दिया जाएगा और छह महीने की अवधि के बाद, इसकी सौर ऊर्जा क्षमताओं का आकलन किया जाएगा.यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में सौर ऊर्जा के उपयोग को प्रोत्साहित करने और ऊर्जा स्वतंत्रता प्राप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.

डिस्ट्रीब्यूटर कंपनी के निदेशक ने डीएम को भेजा पत्र
उत्तर बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के प्रबंध निदेशक नीलेश रामचंद्र देवरे ने जिलाधिकारी को प्रधानमंत्री सूर्य घर नि:शुल्क बिजली योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए हैं. इसके तहत जिला स्तरीय समिति का गठन किया जाएगा, जो योजना के क्रियान्वयन और एक आदर्श सौर गांव की पहचान के लिए काम करेगी. बता दें कि इस पहल का उद्देश्य सौर छत कार्यक्रम में भागीदारी को बढ़ावा देना तथा निवासियों को अपनी बिजली खुद बनाने में सक्षम बनाना है. समिति के गठन की प्रक्रिया चल रही है तथा राज्य अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसी इसके क्रियान्वयन की देखरेख करेगी.

सौर ऊर्जा संयंत्र की स्थापना के लिए केंद्र सरकार द्वारा आवंटित एक करोड़ रुपये से वित्त पोषण किया जाएगा, जिसकी निगरानी जिला स्तरीय समिति करेगी. इस पहल का उद्देश्य चुने गए गांव में सौर ऊर्जा के उपयोग को अधिकतम करना है, ताकि इसे देश भर के अन्य गांवों के लिए एक मॉडल के रूप में स्थापित किया जा सके.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *