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दरभंगा में पत्रकारों पर हमले का मामला गंभीर, प्रमंडलीय आयुक्त ने दिए जांच के आदेश

सैकड़ों पत्रकारों ने एकजुट होकर सौंपा आवेदन, उपनगर आयुक्त पर अभद्र व्यवहार व खबर संकलन में बाधा का आरोप

दरभंगा में पत्रकारों के साथ हुए दुर्व्यवहार और कथित हमले के मामले को प्रमंडलीय आयुक्त ने गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए हैं। रविवार को लहेरियासराय के बीके रोड पर नगर निगम की कार्रवाई के दौरान पत्रकारों के साथ हुई घटना से आक्रोशित सैकड़ों पत्रकारों ने एकजुट होकर प्रमंडलीय आयुक्त से मुलाकात कर आवेदन सौंपा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
रविवार को दरभंगा के लहेरियासराय थाना क्षेत्र अंतर्गत बीके रोड स्थित नगर निगम की चार दुकानों को कोर्ट के आदेश के बाद खाली कराने की कार्रवाई की जा रही थी। इस दौरान दरभंगा नगर निगम का प्रशासन मौके पर पहुंचा और लाठीचार्ज के बाद दुकानों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया। इसी कार्रवाई की खबर संकलन के लिए मौके पर पहुंचे पत्रकारों के साथ कथित रूप से नगर निगम के उपनगर आयुक्त जयचंद्र अकेला द्वारा अभद्र व्यवहार किया गया।
पत्रकारों का आरोप है कि खबर संकलन करते देख पहले उन्हें अभद्र भाषा में रोका गया, फिर धक्का दिया गया और कहा गया कि वे खबर नहीं बना सकते। इसके बावजूद जब पत्रकार कैमरा चालू रखे रहे तो कैमरा छीनने और बंद कराने का भरसक प्रयास किया गया। इस दौरान पत्रकारों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया, जिससे पत्रकार समुदाय में भारी आक्रोश फैल गया।
घटना से आहत पत्रकारों ने सोमवार को सैकड़ों की संख्या में पैदल मार्च करते हुए दरभंगा प्रमंडल कार्यालय पहुंचकर प्रमंडलीय आयुक्त से मुलाकात की और सामूहिक आवेदन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में शामिल पीड़ित पत्रकारों की बात सुनने के बाद प्रमंडलीय आयुक्त ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया।
प्रमंडलीय आयुक्त ने स्पष्ट कहा कि इस मामले की जांच के लिए प्रमंडल स्तर से ही जांच टीम गठित की जाएगी। उन्होंने अपने सचिव को तत्काल जांच टीम बनाने का निर्देश दिया। पत्रकारों के आग्रह पर, कार्यालय के बाहर मौजूद करीब 50 पत्रकारों को मीटिंग हॉल में बैठाने तथा उन्हें पानी और चाय उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया गया।
प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के बाद आयुक्त स्वयं मीटिंग हॉल में पहुंचे और बारी-बारी से सभी पत्रकारों का कुशलक्षेम पूछा। उन्होंने कहा कि घटना से जुड़े वीडियो फुटेज और तथ्यों को देखने के बाद तुरंत जांच कमेटी गठित करने का आदेश दिया गया है। साथ ही जिस कथित “घोटाले” से जुड़ी खबर को लेकर यह पूरा विवाद उत्पन्न हुआ, उसकी भी अलग से जांच कराए जाने की बात कही।
बैठक के दौरान पत्रकारों ने अपनी अन्य समस्याएं भी प्रमंडलीय आयुक्त के समक्ष रखीं, जिन्हें गंभीरता से सुनते हुए आयुक्त ने अपने स्तर से आवश्यक कार्रवाई करने का भरोसा दिया। इस दौरान प्रेस क्लब सहित जिले के विभिन्न मीडिया बैनरों से जुड़े लगभग सैकड़ों पत्रकार मौजूद रहे।
यह मामला न केवल पत्रकारों की सुरक्षा और सम्मान से जुड़ा है, बल्कि प्रेस की स्वतंत्रता पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है, जिसे लेकर अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।

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