घटनास्थल पर पुलिस के बड़े अधिकारी पहुंचे हैं और छानबीन शुरू कर दी है। फिलहाल हत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया है। सूत्रों के मुताबिक, आपसी रंजिश को लेकर इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया है।फिलहाल, मुकेश सहनी हैदराबाद में हैं और रात 9:00 बजे तक घर पहुंचने की उम्मीद है। घर में अकेले रहते थे जीतन सहनी
जीतन सहनी घर में अकेल रहते थे।मुकेश सहनी की मां का पहले ही निधन हो चुका है। उनका जीवन बेहद सादा था।अपने बेटे के राजनीतिक या कारोबारी जगत से उनको कोई मतलब नहीं रहता था। मुकेश सहनी के पटना या मुंबई स्थित निवास पर भी वो कम ही जाते थे।उनकी हत्या से पूरा गांव स्तब्ध है। लोगों को कहना है कि उनकी हत्या के पीछे क्या कारण हो सकता है यह किसी के समझ में नहीं आ रहा है।उनका किसी से किसी प्रकार का विवाद नहीं था।उनकी हत्या की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी है।एसएसपी खुद दल बल के साथ मौके पर मौजूद हैं।बिहार की परिवहन मंत्री शीला मंडल भी मौके पर पहुंच गयी हैं।
बिहार में मुकेश सहनी की पार्टी विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के प्रमुख हैं।उनकी पार्टी चुनाव से पहले ही महागठबंधन में शामिल हो गई थी। लोकसभा चुनाव के मद्देनजर यह डील मूल रूप से मुकेश सहनी और RJD के बीच हुई थी।मुकेश सहनी की एक पहचान ‘सन ऑफ मल्लाह’ की है। सहनी मूलतः (मल्लाह/निषाद) की राजनीति करते हैं। अगर वोट की बात करें तो बिहार में मल्लाहों की आबादी लगभग सात फीसदी है।वहीं, सहनी इस समुदाय की संख्या करीब 14 प्रतिशत बताते हैं।




