बिहार के तौसीफ रसूल का नेशनल लेवल पर चयन होने के बाद अब उसे शुभकामनाएं मिल रही हैं. तौसीफ के चयन पर बिहार के खेल मंत्री सुरेंद्र मेहता सहित अन्य लोगों ने उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी हैं. तौसीफ रसूल ने कहा कि उन्होंने बचपन में बहुत दु:ख देखा है. तौसीफ रसूल का हुआ है सिलेक्शन
जमुई:- खेल के क्षेत्र में बिहार के एक और बेटे ने पूरे राज्य का नाम रोशन किया है और अब वो भारत का प्रतिनिधित्व करेगा. दरअसल नवादा जिले के रहने वाले तौसीफ रसूल का चयन भारतीय हैंडबॉल टीम में किया गया है, जो आगामी 14 जुलाई से अम्मान (जॉर्डन) में आयोजित होने वाले 18वीं जूनियर एशियाई पुरुष हैंडबॉल चैंपियनशिप में हिस्सा लेगा. तौसीफ रसूल इस टीम का इकलौता बिहारी खिलाड़ी है और अब उसके चयन के बाद पूरे इलाके के खेल प्रेमियों में जश्न का माहौल है. गौरतलब है कि तौसीफ रसूल नवादा जिले के बड़ी दरगाह शेख टोली का रहने वाला है और उसका चयन भारतीय हैंडबॉल टीम में किया गया है.
पिता को खोने के बाद भी नहीं मानी हारतौसीफ रसूल आगामी 14 से 26 जुलाई तक अम्मान (जॉर्डन) में आयोजित होने वाले 18वीं जूनियर एशियाई पुरुष हैंडबॉल चैंपियनशिप प्रतियोगिता में भारत की तरफ से हिस्सा लेगा. तौसीफ के बचपन में ही उसके पिता की मृत्यु हो गई थी. लेकिन उसके बावजूद उसने अपने खेल के प्रति अपने जुनून को जारी रखा. पिछले साल 2023 में उसका चयन भारत सरकार के द्वारा भारतीय खेल प्राधिकरण केंद्र में हुआ था, जिसके बाद अब उसका चयन भारतीय टीम में किया गया है. पिता के न रहने के बावजूद भी तौसीफ ने अपने सफर को जारी रखा. तौसीफ ने अपनी सफलता का श्रेय अपने बहनोई साबिर हुसैन और बड़े भाई फैज रसूल उर्फ विक्की को दिया है.
बिहार का यह खिलाड़ी बढ़ाएगा देश का मन तौसीफ रसूल के चयन के बाद अब उसे शुभकामनाएं मिल रही हैं. तौसीफ के चयन पर बिहार के खेल मंत्री सुरेंद्र मेहता सहित अन्य लोगों ने उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी हैं. तौसीफ रसूल ने कहा कि उन्होंने बचपन में बहुत दु:ख देखा है. ये सब सहकर ही आज उन्हें सफलता मिली है. तौसीफ ने विश्वास जताते हुए कहा कि वह राज्य के साथ-साथ पूरे देश का नाम जरूर रोशन करेंगे. गौरतलब है कि तौसीफ पिछले 2023 से भारतीय खेल प्राधिकरण में ट्रेनिंग ले रहे हैं और वहीं से उन्होंने कोचिंग ली है. इससे पहले वह नवादा के हरिशचंद्र स्टेडियम में 3 साल लगातार हैंडबॉल की प्रैक्टिस करते थे. तौसीफ अपनी टीम के इकलौते बिहारी खिलाड़ी हैं, जिनका चयन हैंडबॉल प्रतियोगिता के लिए भारतीय टीम में किया गया है.




