इधर रामनवमी के अवसर पर परम्परागत रूप से सनातनियों के घरों में हनुमत पूजन व ध्वजा पूजन किया गया। वहीं ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में विभिन्न रामनवमी समितियों की ओर से झांकी व अखाड़ा निकाला गया।
अखाड़ा निकालने से पहले स्थानीय मंदिर में शस्त्रों की पूजा कर खिलाड़ियों को टीका लगाया गया। इस वर्ष आचार संहिता लागू होने के कारण जिला प्रशासन द्वारा कई निर्देश जारी किए गए थे।
वहीं यह भी देखा गया कि विगत वर्षों से इतर दरभंगा टॉवर पर झांकियों के पहुंचने का सिलसिला विलम्ब से हो रहा है। इस कारण नाका न.-5 पर जुलुस के पहुंचने में विलम्ब होना स्वभाविक है।
समाचार प्रेषण तक जुलुसों के मोहल्ला में ही होने की सूचना है। इधर प्रशासन द्वारा नाका न.-5 पर अपनी निगरानी में ध्वजा मिलान कराया गया।
इस मौके पर जिला के वरीय एवं कनीय पदाधिकारी सहित राजनीतिक रूप से जुड़े नेता मौजूद रहे। वहीं शांति समिति के सदस्यों ने भी बढ-चढ़कर हिस्सा लिया। प्रत्यक्ष दर्शियों के अनुसार इस वर्ष विगत वर्षों की तुलना में शाम में सड़कों पर भीड़ कम नजर आई। रामनवमी का उत्सव पूरी रात मनाई जाने की संभावना है।





