उन्होंने विभिन्न बैंकों द्वारा ऋणधारकों को जारी नोटिस के बाबत जानकारी ली। लोक अदालत में दिए जाने वाले विशेष छूट की समीक्षा करते हुए कहा कि हर कोई ऋण से मुक्ति पाना चाहतें है। लोक अदालत में लोग एक उम्मीद लेकर आते हैं कि उनका समस्या समाधान होगा।
विधिक सेवा प्राधिकार का भी उद्देश्य है कि समाज के गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों का समस्या समाधान हो। इसके लिए सभी को मिल कर कार्य करना होगा।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कहा कि बेनीपुर और बिरौल न्यायालय में भी वरीय पदाधिकारियों को भेजे जो ऋणधारकों को अधिकतम छूट मुहैया कराने में सक्षम हो।
बैठक में जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव आरती कुमारी, एलडीएम सहित विभिन्न बैंकों के वरीय अधिकारी मौजूद थे। दूसरी ओर जिला जज ने बाल गृह, पर्यवेक्षण गृह आदि में आवासित बच्चों को उपलब्ध सुविधाओं को लेकर माननीय उच्च न्यायालय के निर्देश पर गठित कमिटी के सदस्यों द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट की समीक्षा की।
उन्होंने बच्चों के सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा आदि के संबंध में जरुरी दिशा निर्देश दिया। बैठक में सचिव आरती कुमारी एवं समिति के सदस्य चिकित्सा प्रभारी, प्रभारी एसडीपीओ सदर-2, एसडीसी, एडीसीपीयू मौजूद थे।





