सुबह 11 बजे विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने से पहले भाजपा विधायकों ने सदन के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। भाजपा नेताएं ने महागठबंधन सरकार के खिलाफ हाथ में पोस्टर लेकर दंगाइयों को बचाना बंद करो, हिदुओं पर अत्याचार बंद करों, जैसे नारे लगाए।
इसके बाद सदन के अंदर भी भाजपा के सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया। नालंदा, रोहतास, भागलपुर, गया, मुजफ्फरपुर सहित अन्य जिलों में तनाव को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरा और इसे प्रशासनिक विफलता करार दिया। विपक्ष ने कहा नीतीश कुमार सरकार चलाने में नाकाम साबित हो रही है।
वहीं, सत्तापक्ष ने पलटवार करते हुए भाजपा पर आरोप लगाया और कहा कि राज्य में जानबूझकर माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है। राजद और जदयू विधायकों ने भाजपा पर बिहार में सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने का आरोप लगाया।
हंगामें को दौरान विधानसभा अध्यक्ष अवध बिहारी चौधरी बार-बार विधायकों को समझाते नजर आए, लेकिन कोई असर नहीं हुआ। आखिरकार, उन्होंने पहली पाली की कार्यवाही दो बजे तक स्थगित कर दी।





