तेजस्वी यादव ने ट्वीट कर अपने बयान को सार्वजनिक किया है। उन्होंने कहा है कि बिहार (Bihar) में सदभाव बिगाड़ने की संघी कोशिश पर बिहार सरकार की पैनी नजर है। जिन राज्यों में भाजपा कमजोर है, वहां बौखलाई हुई है। आगे तेजस्वी यादव ने कहा कि एक-एक उपद्रवी को चिह्नित कर कठोरतम कार्रवाई की जा रही है। अपने ट्वीट में उन्होंने अभिवादन स्वरूप कहा-जय हिन्द। राजद के युवराज तेजस्वी यादव ने हिंसा की घटनाओं के लिए प्रयोग शब्द का उपयोग कर आरएसएस और बीजेपी को कठघरे में खड़ा करने की कोशिश की है।
उधर प्रदेश राजद प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव व एजाज अहमद ने भी तेजस्वी यादव के सुर में सुर मिलाया। दोनों नेताओं ने कहा कि भाजपा नेता सह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को 2015 के चुनाव में महागठबंधन ने सबक सिखाया था, शायद यह भूल रहे हैं। कहा कि अगर ये बात याद रहती तो वह 2024 की बात नहीं कहे होते। उन्हें भी पता है कि 2024 में वह सत्ता में वापस नहीं आने वाले हैं। देश की जनता बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, बढ़ती गरीबी इत्यादि से तंग आ चुकी है और बदलाव चाहती है और परिवर्तन का मन बना चुकी है।
बिहार में शुक्रवार को रामनवमी का जुलूस निकाला गया। उसी दिन से राज्य के कई जिलों में हिंसक झड़प के समाचार आ रहे हैं। नालंदा-सासाराम के अलावे भागलपुर, गया, मुजफ्फरपुर समेत कई शहरों में घटनाएं हुईं। दो समुदायों पर आपस में पत्थरबाजी के साथ साथ पुलिस पर हमले किए गए। बिहार पुलिस हालात को नहीं संभाल पाई तो केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने अर्द्ध सैनिक बलों को उतार दिया। सीएम नीतीश कुमार ने भी हिंसा की घटनाओं पर नियंत्रण करने के लिए अधिकारियों के साथ हाई लेवेल मीटिंग कर आवश्यक निर्देश दिए हैं।





