मामले की सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने देर रात में ही शव का पोस्टमार्टम करा स्वजनों को सौंप दिया। नगर थानाध्यक्ष राजीव कुमार ने बताया कि मामले में बसवरिया निवासी नन्हे कुमार को गिरफ्तार किया गया है। कुछ अन्य युवकों की तलाश की जा रही है। वे घर छोड़ फरार है।
मिली जानकारी के मुताबिक, मोहल्ले के ही कुछ युवकों ने मामूली विवाद में घटना को अंजाम दिया है। मृतक के छोटे भाई असरफ हासमी ने बताया कि मंगलवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे उसके भाई अफसर हासमी को उसके चचेरे भाई सरफराज व पड़ोसी मुकेश घर से बुलाकर बाजार ले गए थे।
शाम को सरफराज ने फोन करके बताया कि कुछ लड़कों ने अफसर को लेदर फैक्ट्री के पास चाकू मार दिया है। सूचना पर जब वे मौके पर पहुंचे तो भाई को घायल देखा। उसके सीने पर चाकू लगी थी। लोगों के सहयोग से उसे अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि, रास्ते में ही उसकी मौत हो गई थी।
मृतक के चचेरे भाई सरफराज ने बताया कि वह अफसर के साथ घर लौट रहा था। लेदर फैक्ट्री के पास पूर्व परिचित बसवरिया निवासी नन्हें कुमार, नौशाद, सलाउद्दीन आदि बैठकर नशापान कर रहे थे। उनसे हालचाल पूछने पर गाली-गलौज करने लगे।
इसका विरोध करने पर अफसर हासमी को पकड़ कर चाकू मार दिया। उसका पैर भी कुचल दिया और फरार हो गए। तब इसकी सूचना घर वाले और पुलिस को दी गई।
घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और कुछ युवकों को हिरासत में लेकर थाना ले गई। बुधवार की सुबह सदर एसडीपीओ माहताब आलम नगर थाना पहुंच और हिरासत में लिए गए युवकों से पूछताछ की। पुलिस अफसर के भाई का बयान दर्ज की।
स्वजनों ने बताया कि अफसर पांच भाई और दो बहनों में चौथे नंबर पर था। अभी उसकी शादी नहीं हुई थी। वह सोफा बनाने का काम करता था। मृतक के भाई असरफ ने बसवरिया के सलाउद्दीन, नन्हें, नौशाद, फिरदौस, मुन्ना, सोनू, शिवपुजारी आदि पर हत्या के वारदात में शामिल होने का आरोप लगाया है।





