उन्होंने छात्र- छात्राओं के सार्थक एवं मंगलमय भविष्य की कामना करते हुए कहा कि अपने शिक्षकों से सीखे हुए ज्ञान को अपना पथ- प्रदर्शक मानते हुए छात्र अपने भावी जीवन को उज्ज्वल बनाएं।
अपने अच्छे कार्यों से दूसरे को भी प्रेरित करें, तभी भारत विकसित देश बनेगा। उन्होंने चिंता व्यक्त किया कि आज भारत में भी युवा अपने माता- पिता को साथ नहीं रख रहे हैं। यही कारण है कि यहां ओल्ड एज होम की परंपरा बढ़ रही है।
विशिष्ट अतिथि के रूप में विश्वविद्यालय संस्कृत विभाग के प्राध्यापक डा आर एन चौरसिया ने कहा कि छात्र- जीवन मानव का बसंत काल होता है जो विद्या एवं बल अर्जन का महत्वपूर्ण काल है। इस काल में छात्र की बहुत कम जिम्मेदारियां होती हैं और वे अपने व्यक्तित्व का भी सर्वांगीण विकास तथा चरित्र- निर्माण करते हैं, जिनसे वे पूरे जीवन पर्यंत प्रभावित होते रहते हैं। ब्रह्मचर्य जीवन निर्माण का काल होता है, जिसका प्रभाव व्यक्ति के पूरे जीवन के साथ ही समाज पर भी पड़ता है। उन्होंने छात्रों को समाज की खुशहाली एवं राष्ट्र निर्माण के लिए कार्य करने का आग्रह करते हुए कहा कि बच्चों की सफलता पर उसके माता- पिता के साथ ही शिक्षक भी गौरवांवित होते हैं।
विभागीय शिक्षक डा आशीष कुमार बरियार ने कहा कि शिक्षक छात्रों को बेहतर बनाने के लिए सीखने के साथ ही डांटते और फटकारते भी हैं। कॉलेज के स्वर्णिम जीवन की अनेक खट्टी- मीठी यादें जीवन भर बनी रहती हैं। उन्होंने छात्रों से उम्मीद की कि वे भविष्य में संस्कारित व्यवहार करेंगे, क्योंकि अब उन्हें रोकने वाला कोई नहीं होगा। राजनीति विज्ञान के प्राध्यापक डा आलोक कुमार ने कहा कि यहां के शिक्षक हमेशा अपने सामर्थ्य के अनुसार छात्रों को बेहतर बनाने की पूरी कोशिश करते हैं। अब छात्र अपने सैद्धांतिक जीवन से व्यावहारिक जीवन की अनेक जिम्मेदारियां निभाएंगे। आगे वे समाज में कैसा प्रदर्शन करते हैं, यह अधिक महत्वपूर्ण है।
अध्यक्षीय संबोधन में राजनीति विज्ञान विभागाध्यक्ष डा दिव्या झा ने कहा कि छात्र अपने जीवन में कुछ बेहतर कार्य करें, ताकि हम शिक्षकों का भी सम्मान बढ़े। वे अपने ज्ञान से सही रास्ते पर चलते हुए आगे बढे और अपने जीवन में सर्वश्रेष्ठ करने की कोशिश करें, तभी उनका जीवन सफल होगा।
इस अवसर पर अतिथियों का स्वागत पाग, चादर तथा स्मृति चिह्न से किया गया, जबकि विदाई हो रहे छात्र- छात्राओं को स्मृति चिह्न तथा फोटोग्राफी से सम्मानित किया गया। स्वागत गान मनीषा कुमारी तथा निक्की कुमारी ने प्रस्तुत किया, जबकि आलिया ने शुक्रिया गीत गया।
इस अवसर पर जयप्रकाश कुमार साहू, कुमार सौरभ, साकिया नाज, आलिया नासिर आदि ने महाविद्यालय में बिताए अपने अनुभवों को सजीवता से व्यक्त किया और आगे समाजोपयोगी बनने का संकल्प व्यक्त किया।
जयप्रकाश साहू के संचालन एवं स्वागत में आयोजित समारोह में कुमार सौरभ ने धन्यवाद ज्ञापन किया।





