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कुलपति ने विश्वविद्यालय के ऑडियो- वीडियो लैब में व्याख्यानों के रिकॉर्डिंग से संबंधित दिये निर्देश।

दरभंगा: ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के कुलपति प्रोफेसर सुरेन्द्र प्रताप सिंह के निर्देश से विश्वविद्यालय के ऑडियो- वीडियो लैब में व्याख्यान रिकॉर्डिंग से संबंधित भेजे गए पत्र के आलोक में विभिन्न पीजी विभागों एवं संस्थानों से 30 शिक्षकों ने अपना व्याख्यान रिकॉर्ड कराने हेतु आवेदन दिया है।

लैब में शिक्षकों के व्याख्यान रिकॉर्डिंग से संबंधित निर्देश प्राप्त करने के उद्देश्य से कुलपति से मिलने आए एडवांस रिसर्च सेन्टर के इंचार्ज प्रो सुरेन्द्र कुमार, ऑडियो- वीडियो लैब के कोऑर्डिनेटर डा आर एन चौरसिया तथा आईटी सेल के इ मुकुंद माधव को कुलपति ने अनेक निर्देश देते हुए कहा कि इच्छुक शिक्षकों से पहले 5 दिनों में रिकॉर्डिंग की विषयवस्तु मंगवा लें, जिसकी गुणवत्ता की पहचान विशेषज्ञ से कराकर ही प्राथमिकता के आधार पर रिकॉर्डिंग कराएं, ताकि शिक्षकों के साथ ही विश्वविद्यालय की भी प्रतिष्ठा बढ़ सके। इस अवसर पर महाविद्यालय निरीक्षक द्वय प्रो अरुण कुमार सिंह एवं प्रो अशोक कुमार मेहता, उप कुलसचिव प्रथम डा कामेश्वर पासवान, सैयद मो जमाल अशरफ तथा विश्वनाथ ठाकुर आदि भी उपस्थित थे।
एडवांस रिसर्च सेन्टर के इंचार्ज प्रो सुरेन्द्र कुमार ने बताया कि रिकॉर्डिंड व्याख्यानों से छात्रों को काफी लाभ मिलेगा। इस लैब की कई विशेषताएं हैं- जिनमें उच्च कोटि के कैमरे, लाइट, ध्वनिरोधी मशीन तथा अन्य उच्च स्तरीय उपकरण लगे हैं। जहां व्याख्यान रिकॉर्ड कर विश्वविद्यालय के वेबसाइट तथा अन्य सोशल मीडिया पर छात्रों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे कुलपति के निर्देशानुसार सर्वोत्तम संभव विषयवस्तु तैयार कर 18 अगस्त तक लैब के कोऑर्डिनेटर को उपलब्ध कराएं, ताकि शीध्र ही रिकॉर्डिंग प्रारंभ किया जा सके।

लैब के कोऑर्डिनेटर डा आर एन चौरसिया ने बताया कि व्याख्यान रिकॉर्डिंग के इच्छुक सभी शिक्षक पीजी के वर्तमान सीबीसीएस सिलेबस के प्रथम से चतुर्थ सेमेस्टर तथा संबंधित संस्थानों के सिलेबस में से किसी भी टॉपिक पर करीब 40 मिनट का व्याख्यान तैयार करेंगे, जिसकी सॉफ्ट एवं हार्ड कॉपी उपलब्ध करवाएंगे, ताकि विशेषज्ञों द्वारा उसमें आवश्यक सुधार किया जा सके। उन्होंने बताया कि लैब उच्च गुणवत्तापूर्ण रिकॉर्डिंग प्रदान करता है, ताकि दर्शक छात्र ठीक से व्याख्यानों को सुन और समझ सकें।

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