Monday, May 4, 2026
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दरभंगा: प्राइवेट स्कूल में 7वीं के छात्र की मौत, डेड बॉडी छोड़कर भाग रहा था एंबुलेंसकर्मी

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14 वर्षीय छात्र मोनू कुमार झा की संदिग्ध मौत, स्कूल में पढ़ाई कर रहा था। आक्रोशित ग्रामीणों ने एंबुलेंस चालक को बंधक बनाया, पूछताछ की। स्कूल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप, शव को बिना सूचना छोड़ा गया।

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दरभंगा: जिले के बेनीपुर प्रखंड के आशापुर आईबी के सामने बने एक प्राइवेट स्कूल में रविवार की दोपहर एक छात्र की मौत हो गई। इस मौत को संदिग्ध माना जा रहा है।

 

जान गंवाने वाला छात्र बिरौल प्रखंड के लदहो गांव निवासी मुकेश कुमार झा का 14 वर्षीय बेटा मोनू कुमार झा था। वह 7वीं का छात्र था और पिछले दो साल से उस स्कूल में पढ़ाई कर रहा था। 2 बजे के आसपास डेड बॉडी छोड़कर भाग रहा था एंबुलेंसकर्मी मौत के बाद स्कूल संचालक ने शव एंबुलेंसकर्मी के साथ भेजा था। एंबुलेंसकर्मी छात्र के शव को चौक पर छोड़कर भागने लगा। इस दौरान मौजूद लोगों ने उसे पकड़कर बंधक बना लिया। घटना की सूचना मिलते ही बहेड़ा थानाध्यक्ष चंद्रकांत गौड़ी करने के जुट गए हैं। उधर, लदहो के ग्रामीणों ने कहा कि छात्र की मौत के बाद दोपहर करीब दो बजे एंबुलेंस से उसके शव को गांव लाकर छोड़ दिया गया। इससे ग्रामीण आक्रोशित हो गए।

 

ग्रामीणों ने चालक को पकड़कर कड़ाई से पूछताछ की तो पता चला कि छात्र की लाश को बेनीपुर के ही एक प्राइवेट अस्पताल से लाया गया है। एंबुलेंसकर्मी को गांव वालों ने बनाया बंधक आक्रोशित ग्रामीणों ने एंबुलेंस चालक को बंधक बना लिया। घटना की सूचना बिरौल पुलिस को दी। जानकारी मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच प्रक्रिया पूरी कर छात्र के शव को पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया। छात्र की मौत का कारण स्कूल की तरफ से चापाकल पर नहाने ले दौरान गिरने से होने की बात बताई गई है।

 

डेड बॉडी छोड़कर भागने पर संदेह इस संबंध में मुखिया प्रतिनिधि दिलीप कुमार झा ने बताया कि हॉस्टल में रह रहे छात्र की संदेहास्पद स्थिति में मौत हुई है, इसके बावजूद विद्यालय प्रशासन परिजनों को सूचना दिए बगैर लाश को गांव के चौक पर छोड़कर भाग रहा था। इसमें विद्यालय प्रशासन की लापरवाही दिख रही है। बेटे की मौत से मां की लालत सीरियस मृतक के पिता अन्य प्रदेश में रहकर अपने दोनों बेटों को पढ़ा रहे थे। छोटे बेटे की मौत ने उन्हें झकझोर दिया है। मां विभा देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। वह रो-रोकर बेहोश हो जा रही थी।

 

लोग जब उसे पानी का छींटा मारकर होश में लाते तो कह रही थी कि स्कूल में मेरा बेटा पढ़ रहा था तो उसकी मौत कैसे हो गई। मुक्त किया गया एंबुलेंस चालक बिरौल थानां के अपर थानाध्यक्ष सुभाष चंद्र मंडल ने बताया कि परिजनों की ओर से आवेदन मिलते ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया गया है। वहीं बंधक बने एंबुलेंस चालक को भी मुक्त करा दिया गया है।

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