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चाची के हत्यारोपी को आजीवन कारावास की सजा, न्यायाधीश कृष्ण गोपाल की अदालत ने सुनाई उम्रकैद की सजा।

दरभंगा: अपनी सगी चाची रामदाई देवी की हत्या करने के आरोप में शुक्रवार को बहेड़ा थाना क्षेत्र के पोहद्दी निवासी बजरंगी झा को बेनीपुर व्यवहार न्यायालय के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कृष्ण गोपाल की अदालत ने भादवी की धारा 302 में आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दस हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया। अर्थ नहीं देने पर छहमाह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक अपर लोक अभियोजक चक्रपाणि चौधरी ने बहस की। श्री चौधरी के मुताबिक पोहद्दी गांव में 15 जून 2015 को बजरंगी झा अपनी चाची रामदाई देवी की हत्या चाकू मारकर कर दी थी। इस घटना के विरुद्ध बहेड़ा थाना में 16 जून 2015 को मृतका के भाई बिरौल थाना क्षेत्र के पड़ड़ी निवासी अशोक कुमार राय के आवेदन पर एफआईआर दर्ज की गयी, जिसमें पोहद्दी के ललित झा, इंद्र भगवान देवी एवं बजरंगी नामजद अभियुक्त बनाये गये। पुलिस ने अनुसंधान कर दो व्यक्ति ललित झा एवं इंद्र भगवान देवी को आरोप मुक्त कर दिया। पुलिस ने बजरंगी के विरुद्ध आरोप पत्र 3 सितंबर 2015 को कोर्ट में समर्पित कर दिया। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान 1 मार्च 2016 को बजरंगी के विरुद्ध आरोप गठन किया। अदालत में सरकारी गवाह डॉ. विजय प्रकाश सिंह, दारोगा राज कपूर कुशवाहा, रामचंद्र राजगुरु, राम नारायण पासवान सहित 10 लोगों ने बजरंगी के विरुद्ध गवाही दी। हत्याकांड के अभियुक्त बजरंगी को आठ अगस्त 2023 को अदालत ने दोषी करार दिया।

एफआईआर में कहा गया था कि 15 जून 2015 की शाम महिला अपने घर के आगे सब्जी खरीद रही थी। इसी बीच उसका भतीजा बजरंगी झा छुरा मारकर उसकी हत्या कर दी। घटना के दूसरे दिन अभियुक्त को गिरफ्तार कर पुलिस ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। बचाव पक्ष के वकील दिवाकर झा ने बहस की। बजरंगी बीते आठ वर्षों से न्यायिक हिरासत में है।

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