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मखाना उत्पादन, प्रसंस्करण, गुणवत्ता एवं निर्यात को बढ़ावा देने के लिए संयुक्त सचिव एवं जिलाधिकारी ने किया स्थलीय निरीक्षण


मखाना की खेती से लेकर हार्वेस्टिंग, प्रसंस्करण, ग्रेडिंग, पैकेजिंग एवं निर्यात तक की पूरी श्रृंखला का लिया जायजा
किसानों की समस्याओं के समाधान एवं आय वृद्धि पर हुई विस्तृत चर्चा


वाणिज्य विभाग, भारत सरकार के संयुक्त सचिव श्री साकेत कुमार (भा.प्र.से.) एवं जिलाधिकारी, दरभंगा श्री कौशल कुमार द्वारा आज दरभंगा जिला अंतर्गत ‘श्री मिथिला मखाना किसान उत्पादक संगठन सहकारी समिति’ का स्थलीय निरीक्षण किया गया।
इस दौरान अधिकारियों ने मखाना उत्पादन, जल प्रबंधन, हार्वेस्टिंग, प्रसंस्करण, ग्रेडिंग, पैकेजिंग, एकीकृत कृषि प्रणाली तथा मखाना के निर्यात से संबंधित विभिन्न गतिविधियों का विस्तृत अवलोकन किया।
निरीक्षण के अवसर पर सहायक समाहर्ता सुश्री कल्पना रावत, जिला कृषि पदाधिकारी डॉ. सिद्धार्थ कुमार, जिला उद्यान पदाधिकारी श्री नीरज कुमार झा, डॉ. सी.वी. सिंह, उप महाप्रबंधक एपीडा, समिति के अध्यक्ष श्री महेश मुखिया सहित बड़ी संख्या में स्थानीय कृषक एवं संबंधित प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

निरीक्षण के क्रम में संयुक्त सचिव एवं जिलाधिकारी ने Field System (खेत प्रणाली) एवं Pond System (पारंपरिक तालाब प्रणाली) से मखाना उत्पादन की पूरी कार्यप्रणाली को समझा।
किसानों द्वारा मखाना के रोपण की प्रक्रिया, फसल के विभिन्न चरणों में जल की आवश्यकता, जल प्रबंधन तथा फसल चक्र के संबंध में अधिकारियों को विस्तृत जानकारी दी गई।
अधिकारियों ने मखाना उत्पादन में किसानों द्वारा अपनाई जा रही पारंपरिक तकनीकों के साथ-साथ आधुनिक कृषि पद्धतियों का भी अवलोकन किया तथा उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि की संभावनाओं पर किसानों से संवाद किया।
निरीक्षण के दौरान बगल के तालाब में चल रहे मखाना हार्वेस्टिंग कार्य का अधिकारियों ने प्रत्यक्ष अवलोकन किया। समिति के सदस्यों एवं किसानों द्वारा जल से मखाना बीज (गुड़ी) निकालने की पारंपरिक एवं दक्ष तकनीक का प्रदर्शन किया गया।

संयुक्त सचिव एवं जिलाधिकारी ने हार्वेस्टिंग की प्रक्रिया को बारीकी से देखा तथा किसानों से इस कार्य में लगने वाले श्रम, समय, लागत एवं व्यावहारिक कठिनाइयों की जानकारी प्राप्त की।
अधिकारियों ने गुड़ी से मखाना लावा तैयार करने की संपूर्ण प्रक्रिया का भी अवलोकन किया। इस दौरान मखाना को भूनने, पारंपरिक फोरी विधि से लावा तैयार करने तथा आधुनिक फोरी मशीनों के संचालन की प्रक्रिया को देखा गया।
संयुक्त सचिव एवं जिलाधिकारी ने प्रसंस्करणकर्ताओं एवं किसानों से संवाद कर तकनीकी समस्याओं, मशीनों की उपलब्धता, प्रसंस्करण लागत, उत्पाद की गुणवत्ता तथा बाजार की मांग से संबंधित जानकारी प्राप्त की।
उन्होंने मखाना प्रसंस्करण को अधिक वैज्ञानिक, गुणवत्तापूर्ण एवं बाजारोन्मुख बनाने की संभावनाओं पर भी चर्चा की।
निरीक्षण के क्रम में मखाना की गुणवत्ता आधारित ग्रेडिंग एवं पैकेजिंग यूनिट का भी जायजा लिया गया। अधिकारियों ने विभिन्न गुणवत्ता एवं आकार के मखाना की ग्रेडिंग, पैकेजिंग की प्रक्रिया तथा तैयार उत्पाद की गुणवत्ता का अवलोकन किया।
उन्होंने मखाना उत्पादों की गुणवत्ता बनाए रखने, बेहतर पैकेजिंग एवं ब्रांडिंग के माध्यम से देश-विदेश के बाजार में उत्पाद की मांग बढ़ाने तथा किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के संबंध में आवश्यक जानकारी प्राप्त की।
अधिकारियों ने किसानों की आय में वृद्धि के उद्देश्य से अपनाए जा रहे ‘मखाना-सह-मछली पालन’ (Integrated Aqua-farming) मॉडल का भी अवलोकन किया। इसके अंतर्गत एक ही जल क्षेत्र में मखाना उत्पादन के साथ मछली पालन से किसानों को अतिरिक्त आय प्राप्त हो रही है।
साथ ही, हैचरी प्रबंधन एवं एकीकृत कृषि मॉडल से संबंधित गतिविधियों की जानकारी भी ली गई। संयुक्त सचिव एवं जिलाधिकारी ने किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में इस मॉडल को उपयोगी बताते हुए इसकी सराहना की।
इसके पश्चात संयुक्त सचिव श्री साकेत कुमार एवं जिलाधिकारी श्री कौशल कुमार ने दोनार इंडस्ट्रियल एरिया स्थित सी फूड प्राइवेट लिमिटेड का निरीक्षण किया। उक्त इकाई द्वारा मखाना के निर्यात से संबंधित गतिविधियां संचालित की जाती हैं। अधिकारियों ने यहां मखाना के निर्यात की प्रक्रिया, बाजार, गुणवत्ता मानकों एवं उत्पाद की पैकेजिंग से संबंधित जानकारी प्राप्त की।

इसके बाद अधिकारियों द्वारा बेला इंडस्ट्रियल एरिया स्थित आदिया एग्रीटेक का भी निरीक्षण किया गया, जहां ऑर्गेनिक मखाना उत्पादों से संबंधित गतिविधियों का अवलोकन किया गया। इस दौरान मखाना के उत्पादन, प्रसंस्करण, गुणवत्ता, ऑर्गेनिक उत्पादों की मांग तथा निर्यात की संभावनाओं पर विस्तृत जानकारी प्राप्त की गई।

निरीक्षण के दौरान संयुक्त सचिव ने मखाना के उत्पादन से लेकर अंतिम उत्पाद एवं निर्यात तक की पूरी मूल्य श्रृंखला को मजबूत करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी ली।

उन्होंने किसानों, उत्पादक संगठन, प्रसंस्करणकर्ताओं एवं निर्यातकों के साथ संवाद कर उनकी आवश्यकताओं एवं व्यावहारिक समस्याओं को समझा।
जिलाधिकारी श्री कौशल कुमार ने कहा कि दरभंगा सहित मिथिला क्षेत्र में मखाना उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं। किसानों को आधुनिक तकनीक, गुणवत्तापूर्ण उत्पादन, बेहतर प्रसंस्करण, ग्रेडिंग-पैकेजिंग एवं बाजार की सुविधा उपलब्ध कराकर मखाना की मूल्य श्रृंखला को और मजबूत किया जा सकता है। इससे किसानों की आय में वृद्धि के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

निरीक्षण के दौरान मखाना की गुणवत्ता, उत्पादन, प्रसंस्करण, पैकेजिंग, ब्रांडिंग एवं निर्यात को बढ़ावा देने तथा किसानों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की दिशा में विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।

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