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तंबाकू जनित पदार्थों के सेवन से होने वाली बीमारियों को लेकर जागरूकता रैली आज।

बरौनी रिफाइनरी के ईडी बोले- एक जिम्मेदार ऊर्जा केंद्र की तरह काम कर रही है

आज विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा सदर अस्पताल से जागरुकता रैली निकाली जाएगी। रैली में शामिल स्वास्थ्य कर्मी लोगों को तंबाकू जनित पदार्थों के सेवन करने से होने वाली हानि की जानकारी देंगे। मालूम हो कि बेगूसराय जिला तंबाकू जनित पदार्थों के सेवन की वजह से कैंसर का हॉट स्पॉट बन गया है।

 

जिले का तेघड़ा एवं बरौनी प्रखंड का कई गांव कैंसर को लेकर चर्चा में है। इस संबंध में गैर संचारी रोग पदाधिकारी सह सदर अस्पताल के प्रशासी पदाधिकारी डॉ संजय सिंह बताते हैं कि सभी सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थानों एवं कार्यालय में यह परिसर तंबाकू मुक्त परिसर है का बोर्ड लगाना अनिवार्य है। यदि ऐसा नहीं करते हैं, तो जांच के दौरान पकड़े जाने पर दो सौ रुपए का जुर्माना किया जाएगा।

 

इसके साथ ही शैक्षणिक संस्थानों के सौ मीटर की परिधि में तंबाकू जनित पदार्थों की बिक्री पर पुरी तरह से पाबंदी लगी हुई है। उन्होंने बताया किया कि 18 वर्ष से कम उम्र के किशोरों के हाथ तंबाकू उत्पादों को बेचना अपराध है। सदर अस्पताल में कार्यरत भाभा कैंसर संस्थान के चिकित्सक बताते हैं कि उनके पास प्रत्येक दिन हर उम्र के लोग कैंसर को लेकर आ रहे हैं, जिसमें पुरुष के साथ-साथ महिलाओं की संख्या भी काफी है। वे प्रत्येक दिन पांच से सात लोगों का काउंसिलिंग कर रहे हैं।

सदर अस्पताल के समीप धड़ल्ले से बिक रहा है तंबाकू जनित पदार्थ

प्रशासन के नाक तले सदर अस्पताल समाहरणालय के मुख्यद्वार आसपास कई दुकानों में धड़ल्ले से तंबाकू जनित पदार्थों की बिक्री की जा रही है। जहां से जिला के सभी बड़े जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारियों की आवाजाही है। लेकिन इन दुकानदारों के खिलाफ आजतक कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की गई है।

बरौनी रिफाइनरी अस्पताल ने शुक्रवार 30 मई 2025 को विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर ठेका श्रमिकों के लिए स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम का उद्घाटन कार्यकारी निदेशक और रिफाइनरी प्रमुख सत्य प्रकाश ने किया। उनके साथ मुख्य महाप्रबंधक (मानव संसाधन) भास्कर हजारिका, महाप्रबंधक (मानव संसाधन) मुकेश मिश्रा, वरिष्ठ चिकित्सक और अस्पताल के कर्मचारी मौजूद रहे।

 

सत्य प्रकाश ने श्रमिकों को संबोधित करते हुए कहा कि तंबाकू और धूम्रपान न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य के लिए, बल्कि कार्यस्थल की उत्पादकता और समाज के लिए भी नुकसानदायक हैं। उन्होंने सभी से अपील की कि यदि वे तंबाकू या निकोटीन का सेवन करते हैं, तो तुरंत छोड़ने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि स्वस्थ भारत के निर्माण में हर नागरिक की भूमिका जरूरी है। बरौनी रिफाइनरी इस दिशा में एक जिम्मेदार ऊर्जा केंद्र की तरह काम कर रही है।

ठेका श्रमिकों ने नशे की आदत छोड़ने के लिए परामर्श लिया कार्यक्रम में वरिष्ठ मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. आर. एन. टैगोर और क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉ. नीरज की टीम ने ऑन्कोलॉजी और मनोविज्ञान ओपीडी, व्यक्तिगत परामर्श और तंबाकू छोड़ने के उपायों की जानकारी दी।

 

ठेका श्रमिकों ने नशे की आदत छोड़ने के लिए परामर्श लिया और जीवन में सकारात्मक बदलाव की शुरुआत की। बरौनी रिफाइनरी ने यह दिखाया कि वह केवल ईंधन नहीं देती, बल्कि समाज को दिशा भी देती है। तंबाकू मुक्त जीवन की यह मुहिम एक स्वास्थ्य पहल के साथ-साथ समाज को मजबूत और स्वस्थ बनाने की ऊर्जा रचना भी है।

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