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लगभग 55 ग्रामीण चिकित्सकों की सहभागिता से सीएमई कार्यक्रम का सफल आयोजन

सड़क दुर्घटना के घायलों के प्राथमिक उपचार एवं आपातकालीन प्रबंधन पर विशेषज्ञों ने दी महत्वपूर्ण जानकारी

 

एस.वी. हॉस्पिटल, बेंता ईदगाह रोड, एम.के. कॉलेज के सामने के तत्वावधान में रविवार को सरकार क्लासेस, कल्याणपुर में लगभग 55 ग्रामीण चिकित्सकों की सहभागिता के साथ सतत चिकित्सा शिक्षा (Continuing Medical Education–CME) कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का मुख्य विषय “सड़क दुर्घटना (Road Traffic Accident) के घायलों का प्राथमिक उपचार एवं आपातकालीन प्रबंधन” रहा। इस अवसर पर शहर के वरिष्ठ हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. गौड़ी शंकर झा ने ग्रामीण चिकित्सकों को सड़क दुर्घटना में घायल मरीजों के प्राथमिक उपचार, उचित प्रबंधन तथा समय पर सही चिकित्सकीय निर्णय लेने के महत्व के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।अपने संबोधन में डॉ. झा ने कहा कि दुर्घटना के बाद प्रारंभिक कुछ मिनट अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। यदि इस दौरान घायल को वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया जाए तो उसकी जान बचाने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। उन्होंने हाथ एवं जांघ में इंट्रामस्क्युलर (Intramuscular) इंजेक्शन लगाने के सही स्थान एवं सुरक्षित तकनीक का व्यावहारिक प्रदर्शन किया। साथ ही अत्यधिक रक्तस्राव की स्थिति में रक्तस्राव नियंत्रित करने हेतु घाव में स्यूचर (टांके) लगाने की सही विधि एवं आवश्यक सावधानियों की भी जानकारी दी।

कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. राम दयाल महतो, श्री महेंद्र महतो (जिला अध्यक्ष, ग्रामीण चिकित्सक संघ), प्रखंड अध्यक्ष, कल्याणपुर ग्रामीण चिकित्सक संघ तथा श्री सत्येन्द्र कुमार (प्रखंड कोषाध्यक्ष, कल्याणपुर ग्रामीण चिकित्सक संघ) के सहयोग एवं देखरेख में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम में नीरज कुमार, राजेश कुमार राय, विवेकानंद कुमार, पांडव चौधरी, उदय कुमार साह, राघवेंद्र शर्मा, शंकर राय, संजय कुमार राय एवं राजेश कुमार त्रिवेदी सहित अनेक ग्रामीण चिकित्सकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने विषय विशेषज्ञों से विभिन्न चिकित्सकीय जिज्ञासाओं पर चर्चा कर अपने ज्ञान एवं व्यावहारिक कौशल में वृद्धि की।

कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों को एस.वी. हॉस्पिटल की ओर से स्मृति-चिह्न स्वरूप उपहार प्रदान कर सम्मानित किया गया।

इस आयोजन को सफल बनाने में दीपेश, संजय दास, जितेंद्र पंडित, आशुतोष सेतु एवं अविनाश का भी महत्वपूर्ण योगदान l

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