माननीय सांसद डॉ.गोपाल जी ठाकुर ने कहा— विस्तृत कार्ययोजना बनाकर मखाना एवं बागवानी क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएं,किसानों की आय एवं रोजगार बढ़ाने पर दें विशेष जोर
समाहरणालय स्थित बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर सभागार में माननीय सांसद, दरभंगा डॉ. गोपाल जी ठाकुर की अध्यक्षता में मिथिला बागवानी क्लस्टर तथा राष्ट्रीय मखाना बोर्ड से संबंधित योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में बागवानी एवं मखाना क्षेत्र के समग्र विकास, किसानों की आय में वृद्धि तथा निर्यात को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न योजनाओं एवं कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में मिथिला हॉर्टिकल्चर क्लस्टर के अंतर्गत उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए हाईटेक नर्सरी की स्थापना, ड्रिप सिंचाई प्रणाली का विस्तार, किसानों के नियमित प्रशिक्षण, प्रसंस्करण के लिए 26 इंटीग्रेटेड पैक हाउस की स्थापना, कोल्ड स्टोरेज, राइपनिंग चैंबर एवं रेफ्रिजरेटेड (रीफर) वाहनों की उपलब्धता सहित अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
समीक्षा के दौरान यह भी बताया गया कि ब्रांडिंग एवं डिजिटल मार्केटिंग को बढ़ावा देकर तथा दरभंगा एयरपोर्ट के माध्यम से कृषि एवं बागवानी उत्पादों के निर्यात को नई गति प्रदान की जाएगी। इससे केला, आम, लीची एवं मखाना की वैल्यू चेन और अधिक सुदृढ़ होगी तथा किसानों की आय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
बैठक में माननीय सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने राष्ट्रीय मखाना बोर्ड की मखाना विकास योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी संबंधित विभागों एवं पदाधिकारियों को विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि मखाना उत्पादन,प्रसंस्करण, विपणन एवं निर्यात को एकीकृत दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ाया जाए ताकि मिथिला के किसानों को इसका अधिकतम लाभ मिल सके।
उन्होंने सभी कृषक उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को सक्रिय रूप से कार्य करने का निर्देश देते हुए कहा कि जो एफपीओ अपेक्षित कार्य नहीं कर रहे हैं, उनकी सूची तैयार कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि “मिथिला का किसान मखाना के क्षेत्र में देश का सबसे समृद्ध किसान बनेगा।”
माननीय सांसद महोदय ने कहा कि मखान की खेती प्रसंस्करण तथा व्यापार के लिए दरभंगा में वर्ल्ड क्लास प्रशिक्षण केंद्र के लिए पहल हो रही है।
उन्होंने कहा कि मखाना की खेती के साथ कमल, सिंघाड़ा तथा मछली की खेती को जोड़ने की जरुरत है।
दरभंगा जिले को मखाना की खेती प्रसंस्करण तथा इसके वैश्विक स्तर पर व्यापार के लिए मॉडल जिला के रूप में विकसित किए जाने की पहल की जा रही है।
मखाना की कृषि को आत्मनिर्भर तथा वरदान बनाने के लिए सरकार के द्वारा पहल शुरू कर दी गई है।
बैठक में किसानों को समय पर उच्च गुणवत्ता वाले बीज एवं उर्वरक उपलब्ध कराने के संबंध में भी महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए, ताकि उत्पादन क्षमता में वृद्धि हो तथा किसानों को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।
बैठक में सभी संबंधित विभागों को समन्वित प्रयासों के माध्यम से बागवानी एवं मखाना क्षेत्र की योजनाओं को समयबद्ध एवं प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करने तथा किसानों को अधिकतम लाभ पहुंचाने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में जिलाधिकारी, दरभंगा श्री कौशल कुमार, निदेशक, उद्यान, बिहार श्री अभिषेक कुमार, सहायक समाहर्ता कल्पना रावत, जिला कृषि पदाधिकारी डॉ. सिद्धार्थ, प्रधान वैज्ञानिक, राष्ट्रीय मखाना अनुसंधान केंद्र, दरभंगा डॉ. इंदु शेखर सिंह, जिला उद्यान पदाधिकारी श्री नीरज कुमार झा, महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र सुरुचि कुमारी सहित संबंधित विभागों के पदाधिकारी एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।




