ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के प्राचीन इतिहास विभाग में उपलब्ध पाण्डुलिपियों का सर्वे कार्य पूर्ण
श्री कौशल कुमार जिलाधिकारी दरभंगा के सफल मार्गदर्शन में ज्ञान भारतम् मिशन के अंतर्गत पाण्डुलिपियों के सर्वेक्षण से संबंधित कार्य को मिशन मोड में आगे बढ़ रहा है। आज निर्देशानुसार जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी श्री चंदन कुमार द्वारा ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के प्राचीन भारतीय इतिहास, पुरातत्त्व एवं संस्कृति विभाग के संरक्षण में उपलब्ध पाण्डुलिपियों का सर्वेक्षण कार्य संपन्न कराया गया।
इस अवसर पर विभागाध्यक्ष डॉ. अमीर अली खान ने विभाग में उपलब्ध पाण्डुलिपियों के हस्तांतरण एवं संरक्षण से संबंधित विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. अयोध्यानाथ झा के कार्यकाल में एम.एल.एस.एम. कॉलेज के प्राचीन इतिहास विभाग से श्री राम कुमार मिश्र द्वारा इन महत्वपूर्ण पाण्डुलिपियों को विभाग को उपलब्ध कराया गया था।
जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी ने बताया कि विभाग के अधीन उपलब्ध सभी पाण्डुलिपियों का वैज्ञानिक एवं रासायनिक विधि से संरक्षण कराया जा चुका है। संरक्षण प्रक्रिया के अंतर्गत फ्यूमिगेशन, विअमलीकरण, जापानी टिशु पेपर तथा सी.एम.टी. पेस्ट से लेमिनेशन जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया गया है, जिससे इन अमूल्य धरोहरों को दीर्घकाल तक सुरक्षित रखा जा सके।
उन्होंने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा को समृद्ध एवं सशक्त बनाने की दिशा में ज्ञान भारतम् मिशन एक अत्यंत महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है। इस मिशन के माध्यम से देश की प्राचीन पाण्डुलिपियों को खोजने, संरक्षित करने तथा उनके ज्ञान को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का कार्य किया जा रहा है।
रूपौली ड्योढ़ी निवासी एवं पाण्डुलिपि विशेषज्ञ डॉ. भवनाथ झा ने कहा कि राज्य स्तर पर प्राप्त सभी पाण्डुलिपियों पर गंभीर शोध किए जाने की आवश्यकता है, ताकि उनमें निहित ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं दार्शनिक ज्ञान को व्यापक स्तर पर सामने लाया जा सके।
उन्होंने बताया कि प्राचीन इतिहास विभाग में उपलब्ध पाण्डुलिपियों की जानकारी उनके तथा शोधार्थी डॉ. मुरारी झा द्वारा उपलब्ध करायी गयी थी।
जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी द्वारा दरभंगा जिला अंतर्गत पाण्डुलिपियों के सर्वेक्षण संबंधी कार्य को अत्यंत बारीकी एवं व्यक्तिगत अभिरुचि के साथ संचालित किया जा रहा है।
उनके नेतृत्व में जिले में संरक्षित प्राचीन ज्ञान-संपदा को चिह्नित एवं संरक्षित करने की दिशा में लगातार कार्य हो रहा है।
जिलाधिकारी दरभंगा जिले के नागरिकों से अपील किए है कि यदि उनके पास किसी प्रकार की प्राचीन पाण्डुलिपियाँ अथवा उनसे संबंधित जानकारी उपलब्ध हो, तो वे इसकी सूचना जिला कला एवं संस्कृति कार्यालय, प्रेक्षागृह-सह-आर्ट गैलरी, लहेरियासराय, दरभंगा को उपलब्ध कराएँ जिससे इन अमूल्य धरोहरों का सर्वेक्षण एवं संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
उल्लेखनीय है कि ज्ञान भारतम् मिशन के तहत पाण्डुलिपि सर्वेक्षण कार्य में बिहार राज्य, भारत के अन्य राज्यों की तुलना में वर्तमान में चौथे स्थान पर है, जो राज्य के लिए गौरव का विषय है।




