कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्राओं ने भाग लिया और बाल विवाह के दुष्परिणामों के प्रति जागरूकता प्राप्त की।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को बाल विवाह के सामाजिक, शारीरिक एवं मानसिक प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
उपस्थित पदाधिकारियों एवं कर्मियों ने बताया कि बाल विवाह न केवल बालिकाओं के स्वास्थ्य और शिक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है, बल्कि उनके भविष्य के अवसरों को भी सीमित कर देता है।
जेंडर स्पेशलिस्ट डॉली कुमारी ने छात्राओं को सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया। साथ ही उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनने एवं बचत की आदत विकसित करने पर बल दिया गया।
वन स्टॉप सेंटर की केन्द्र प्रशासक आजमतुन निशा ने बालिकाओं को कानूनी सहायता, हेल्पलाइन नंबर 181 एवं 1098 तथा अन्य सुरक्षा सेवाओं की जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर लेखा सहायक अनमोल ज्योति की भी सक्रिय भागीदारी रही।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण वह क्षण रहा जब सभी छात्राओं को बाल विवाह के विरुद्ध जागरूक रहने एवं इसे रोकने की शपथ दिलाई गई।
वक्ताओं ने दोहराया कि बाल विवाह बालिकाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव डालता है।
कार्यक्रम के अंत में छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई तथा समाज के सभी वर्गों से बाल विवाह उन्मूलन में सक्रिय सहयोग की अपील की गई।





