ज्ञान भारतम् मिशन के अन्तर्गत दरभंगा जिले में पाण्डुलिपियों के संरक्षण, दस्तावेजीकरण एवं डिजिटलीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है।
इसी क्रम में जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी, दरभंगा श्री चंदन कुमार द्वारा विभिन्न संस्थानों का भ्रमण कर वहाँ संरक्षित पाण्डुलिपियों का अवलोकन किया गया।
इस दौरान लक्ष्मेश्वर पब्लिक लाईब्रेरी के सचिव श्री तरूण कुमार मिश्रा, कल्याणी फाउंडेशन, दरभंगा के कार्यपालक पदाधिकारी श्री श्रुतिकर झा,
पुस्तकालयाध्यक्ष श्री पारस तथा कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय, दरभंगा के प्रभारी कुलपति श्री दिलिप कुमार झा से मुलाकात की गई।
भ्रमण के दौरान संबंधित संस्थानों में उपलब्ध पाण्डुलिपियों की संख्या, उनकी वर्तमान स्थिति तथा संरक्षण की व्यवस्था का निरीक्षण किया गया। साथ ही ज्ञान भारतम् मोबाइल एप पर पाण्डुलिपियों का डिजिटल विवरण भी दर्ज किया गया।
कल्याणी फाउंडेशन, दरभंगा में शताब्दियों पुराने ताड़पत्रों पर लिखित पाण्डुलिपियों की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्ता पर विशेष प्रकाश डाला गया।
कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय में संरक्षित पाण्डुलिपियों को भारतीय सांस्कृतिक धरोहर के महत्वपूर्ण अंग के रूप में चिन्हित किया गया तथा उनके संरक्षण की आवश्यकता पर बल दिया गया।
जिला प्रशासन, दरभंगा द्वारा सभी नागरिकों से अपील की गई है कि वे भारत सरकार एवं बिहार सरकार के संयुक्त प्रयास ज्ञान भारतम् मिशन से जुड़कर देश की प्राचीन ज्ञान परंपरा के संरक्षण एवं प्रसार में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएँ,, ताकि इस अमूल्य धरोहर को वैश्विक मंच पर स्थापित किया जा सके।





