बैठक में डॉ वैद्यनाथ चौधरी ‘बैजू’, प्रो दिलीप कुमार चौधरी, मीना झा, डॉ अमर कुमार, प्रो अशोक कुमार मेहता, प्रो अरुण कुमार सिंह, प्रो विजय कुमार यादव, प्रो नारायण झा, प्रो विमल कुमार, डॉ सविता वर्मा, डॉ शिवानंद झा आदि उपस्थित थे। प्रारंभ में सदस्यों का स्वागत कुलपति ने किया, जबकि संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन प्रभारी कुलसचिव प्रो अशोक कुमार मेहता ने किया। बैठक में सिंडिकेट के नये सदस्य के रूप में उपस्थित चार सदस्यों- प्रो नारायण झा, प्रो विमल कुमार, डॉ सविता वर्मा एवं डॉ शिवानंद झा का कुलपति ने विशेष रूप से स्वागत करते हुए बैठक के मुद्दों पर सदस्यों से विचार-विमर्श किया, जबकि अन्य सदस्यों ने पाग एवं चादर से नए चारों सदस्यों को सम्मानित किया।
वहीं विश्वविद्यालय वनस्पति विभागाध्यक्ष डॉ सरिता वर्मा ने पुष्पगुच्छ से कुलपति का स्वागत किया।
बैठक में शेष बचे विभिन्न कोटि के प्राध्यापकों को भी ग्रेड 10 से 11, 11 से 12 तथा 14 से 15 में नियमानुसार प्रोन्नति देने का निर्णय लिया गया, जिसके लिए महाविद्यालय निरीक्षक प्रो अरुण कुमार सिंह के संयोजकत्व में प्रो दिलीप कुमार चौधरी, प्रो विजय कुमार यादव, प्रो अशोक कुमार मेहता तथा प्रो मुनेश्वर यादव की पांच सदस्यीय समिति बनाई गई, ताकि नियम-परिणाम के अंतर्गत विज्ञापन निकालकर सुयोग्य शिक्षकों के आवेदनों के आधार पर प्रोन्नति दी जा सके। कुलपति ने बताया कि ग्रेट 14 से 15 अर्थात् प्रोफेसर से वरिष्ठ प्रोफेसर में प्रोन्नति देने वाला मिथिला विश्वविद्यालय बिहार राज्य का पहला विश्वविद्यालय होगा। उन्होंने बताया कि
यह विश्वविद्यालय पीएम उषा योजना के अंतर्गत शोध विश्वविद्यालय है जो भारत के ऐसे 35 विश्वविद्यालयों में शुमार है। इस हेतु रिसर्च लैब, स्टाफ क्वार्टर एवं इनक्यूबेशन सेन्टर आदि बनाये जाएंगे। इसके लिए अगले वित्तीय वर्ष में राशि भी आ जाएगी। कुलपति ने कहा कि दिनकर रिसर्च केन्द्र की स्थापना हेतु बेगूसराय स्थित एसबीएसएस कॉलेज को अधिकृत किया गया है। प्रगति की जानकारी प्रधानाचार्य से प्राप्त किया जाएगा। बैठक में विश्वविद्यालय परिसर स्थित सभी तालाबों एवं परती जमीनों की घेराबंदी करने का भी निर्णय लिया गया, ताकि परिसर को पूर्णतः सुरक्षित किया जा सके। बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग, पटना की अनुशंसा पर संस्कृत एवं पर्यावरण विज्ञान के सहायक प्राध्यापकों की प्रतिनियुक्ति की घटनोत्तर स्वीकृति प्रदान की गई । निर्णय लिया गया कि एक माह से अधिक समय तक अवकाश पर रहने वाले शिक्षकों एवं शिक्षककेत्तर कर्मियों के स्थायी पता पर लिखित कारण पूछा जाएगा। इस संबंध में कुलसचिव शीघ्र ही कार्यालय आदेश जारी करेंगे। डॉ अमर कुमार के प्रश्न के उत्तर में चतुर्थ चरण के कॉलेजों के शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों के लंबित मामलों को नियमानुसार यथाशीघ्र निष्पादित करने का निर्णय लिया गया।
डॉ नारायण झा के प्रश्न के उत्तर में निर्णय लिया गया कि कॉलेजों की जरूरत के अनुसार प्रधानाचार्य द्वारा नियमानुकूल मांग करने पर आवश्यक कार्यबल की उपलब्धता विश्वविद्यालय द्वारा कराया जाएगा।
मीणा झा के प्रश्न के उत्तर में मिथिला पेंटिंग्स की पाठ्य पुस्तकों की उपलब्धता हेतु विश्वविद्यालय संगीत एवं नाट्य विभागाध्यक्ष, ललित कला संकायाध्यक्ष एवं मीणा झा की तीन सदस्यीय समिति बनाने का निर्णय लिया गया। वहीं सीएम कॉलेज, दरभंगा परिसर के पश्चिम बागमती नदी के उस पार वाजिदपुर, वार्ड नंबर 23 (लाइब्रेरी पोखर) में तालाब का घाट निर्माण-सह-सौन्दर्यीकरण हेतु अनापत्ति पत्र निर्गत करने से पूर्व इस संबंध में कॉलेज के प्रधानाचार्य के मंतव्य प्राप्त करने का निर्णय लिया गया।





