इस अवसर पर एनाटॉमी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो० डॉ० एस० के० करण, शिशु रोग विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो० डॉ० अशोक कुमार एवं डॉ० रिज़वान हैदर, पीएसएम विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो० डॉ० पी० के० लाल, आई विभाग से प्रो० डॉ० आशिफ नवाज़ एवं डॉ० सत्यपाल, बायोकेमिस्ट्री विभाग से डॉ० संतोष कुमार, चेस्ट विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो० डॉ० मोहन पासवान सहित एनाटॉमी विभाग से डॉ० सुबोध कुमार, डॉ० के० के० मिश्रा, डॉ० पल्लवी, डॉ० अमोद झा, डॉ० प्रणय वर्मा, डॉ० नायडू, डॉ० सफी अहमद एवं डॉ० रविशंकर उपस्थित रहे।
सभी वक्ताओं ने अपने-अपने विचार रखे, दोनों सेवानिवृत्त अधिकारियों को ढेरों शुभकामनाएँ दीं तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। प्राचार्या प्रो० डॉ० अल्का झा एवं अधीक्षिका प्रो० डॉ० शिला कुमारी को मोमेंटो एवं चादर भेंट कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर डॉ० मोहन कुमार ने कहा कि उनके विभाग में ब्रोंकोस्कोपी सेवा की शुरुआत का श्रेय इन्हीं दोनों को जाता है। डॉ० अमोद झा ने कहा कि सुपरिंटेंडेंट मैम का फोन हमेशा ऑन रहता था और डीएमसीएच की व्यवस्था इतनी बेहतर हो गई है कि अब आर्थिक रूप से सक्षम लोग भी यहाँ इलाज कराने आते हैं।
सभी वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि दरभंगा मेडिकल कॉलेज में छात्रों की नियमित कक्षा उपस्थिति का जो क्रम प्रारंभ हुआ, उसका श्रेय प्राचार्या मैम को जाता है। डॉ० जी० एस० झा ने कहा कि मास्क बैंक न केवल दरभंगा मेडिकल कॉलेज बल्कि पूरे बिहार में एक बड़ी समस्या है। निजी मेडिकल कॉलेज आर्थिक दंड लगाकर इससे निपट लेते हैं, लेकिन सरकारी मेडिकल कॉलेज में यह संभव नहीं है। ऐसे में बायोमेट्रिक अटेंडेंस के माध्यम से छात्रों को कक्षा तक लाने की जो पहल प्राचार्या मैम ने शुरू की है, वह आगे भी जारी रहे—यही सभी की कामना है।
अपने संबोधन में सुपरिंटेंडेंट मैम ने कहा कि जो जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई थी, उसे सभी के सहयोग से वह सफलतापूर्वक निभा सकीं। वहीं प्राचार्या प्रो० डॉ० अल्का झा ने कहा कि कुर्सी पर बैठने वाले व्यक्ति को ऊपर भी देखना पड़ता है और नीचे भी। उन्होंने अपने कार्यकाल में टीचिंग एवं नॉन-टीचिंग स्टाफ—सभी का भरसक ध्यान रखने का प्रयास किया और उनके मन में किसी के प्रति कोई गिला-शिकवा नहीं है।
कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन डॉ० गौड़ी शंकर झा द्वारा किया गया।

 प्रो० डॉ० शिला कुमारी के सेवानिवृत्ति के अवसर पर एक विदाई समारोह का आयोजन किया गया।</p><div class=)



