कार्यशाला का उद्देश्य सरकार की प्राथमिक योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन,समन्वय तथा समीक्षा को सुदृढ़ करना। कार्यशाला की शुरुआत में जिलाधिकारी श्री कौशल कुमार द्वारा उपस्थित सभी जिला स्तरीय पदाधिकारियों से सात निश्चय पार्ट–3 के अंतर्गत संचालित योजनाओं के संबंध में फीडबैक प्राप्त किया।।
उन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन में प्रगति,चुनौतियों एवं आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की।
जिलाधिकारी ने सभी पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे सात निश्चय पार्ट–3 से संबंधित जारी गाइडलाइन का गहन एवं बारीकी से अध्ययन करें तथा उसी के अनुरूप योजनाओं का प्रभावी,पारदर्शी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ वास्तविक लाभुकों तक पहुँचना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
सात निश्चय पार्ट 3 में दोगुना रोजगार दोगुनी आय , समृद्धि उद्योग सशक्त बिहार ,कृषि में प्रगति प्रदेश की समृद्धि, उन्नत शिक्षा उज्जवल भविष्य ,सुलभ स्वास्थ सुरक्षित जीवन, मजबूत आधार आधुनिक विस्तार, सब का सम्मान जीवन आसान,
विकसित बिहार के संकल्प के साथ मजबूत आधार है।
उन्होंने यह भी कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तथा नियमित समीक्षा के माध्यम से योजनाओं की प्रगति पर सतत निगरानी रखें।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अपने कर्मचारियों को भी संवेदनशील बनाएं ,आने वाले आम जनता को कार्यालय में किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो ,उनकी आधारभूत सुविधा का ख्याल रखें और विनम्रता से बात करें।
कार्यालय आने पर उनकी समस्याओं को धैर्य के साथ सुने और समाधान करने के लिए तत्पर रहे ।सरकार ने कई योजनाओं को लागू किया है, जिसको समय सीमा के अंदर लागू करें।
कार्यशाला में सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी,वरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यशाला प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने तथा विकास योजनाओं को धरातल पर सशक्त रूप से लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल।