30 अप्रैल को अरेराज के नामचीन फर्स्ट चॉइस गाड़ी खरीद बिक्री के मालिक अर्जुन पाठक को फोन कर अपराधियों ने 20 लाख रुपये की रंगदारी की मांग की थी। धमकी भी दी गई थी कि पैसे नहीं दिए तो अंजाम बुरा होगा। मामला गंभीर था, इसलिए अर्जुन पाठक ने अरेराज थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई।
वैज्ञानिक अनुसंधान और तकनीकी ट्रेसिंग के आधार पर अरेराज थाना पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने रंगदारी मांगने वाले कॉल्स की परतें खोलनी शुरू कीं। जांच आगे बढ़ी तो पुलिस भी चौंक गई इस रंगदारी के पीछे कोई बाहरी गिरोह नहीं, बल्कि व्यवसायी का खास साला राहुल तिवारी ही मास्टरमाइंड निकला। उसके साथ उसका साथी मनीष तिवारी (मुजफ्फरपुर) भी पकड़ा गया।
अरेराज थाना अध्यक्ष प्रत्याशा कुमारी दोनों से पूछताछ कर रही हैं और अपराधियों की कड़ी से कड़ी जोड़ने में जुटी हैं। शहर में चर्चा है कि क्या यही कलयुग है? जहाँ साला अपराधियों से मिलकर अपने ही जीजा की जान–माल पर बोली लगवा रहा है?





