उद्घाटन के दौरान डीएम रोशन कुशवाहा ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं की छिपी प्रतिभाओं को नई उड़ान देने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि समस्तीपुर के युवा हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रहे हैं और जिला प्रशासन उन्हें हर संभव मंच उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने प्रतिभागियों को राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की शुभकामनाएं भी दीं।
दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया
महोत्सव के पहले दिन जिलेभर से आए प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों ने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। समूह लोकनृत्य, लोकगीत, कविता पाठ, नाट्य कला, चित्रकला और पेंटिंग जैसी विधाओं में न सिर्फ उत्साह देखने को मिला, बल्कि युवा कलाकारों की रचनात्मकता ने पूरे हॉल में तालियों की गूंज भर दी।
इस अवसर पर वरीय उप समाहर्ता पुष्पिता झा, एसडीसी धर्मराज कुमार, एसडीसी अंजली कुमारी, सहायक निदेशक जिला दिव्यांगजन सोनाली, शिक्षक सुभीत कुमार सिंह, मंगलेश कुमार, ऋतुराज जयसवाल, लक्ष्मण कुमार सहित जिले के विद्यालयों व महाविद्यालयों से आए चयनित निर्णायक मंडल के सदस्य, चयनित प्रतिभागी और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।





