सहरसा के खैरा, अंदोली और समदा बने सब्जी हब:हर घर में होती है खेती, उपज की सीधी बिक्री से किसान समृद्ध।
सब्जी का बगान। सब्जी का बगान। सहरसा जिले के खैरा अंदोली और समदा गांव सब्जी उत्पादन के प्रमुख केंद्र बन गए हैं।
इन गांवों में लगभग हर परिवार सब्जी की खेती से जुड़ा है, जिससे यह क्षेत्र अब एक बड़े कृषि व्यवसाय का रूप ले चुका है। यहां के किसान चार कट्ठे से लेकर दस कट्ठे तक की भूमि पर मौसमी और वार्षिक सब्जियों की खेती करते हैं। इनमें कद्दू, भिंडी, गोभी, झींगा, हरी मिर्च, बोरा, टमाटर, आलू और करेला जैसी विभिन्न किस्में शामिल हैं। वर्षभर इन खेतों में अलग-अलग सब्जियां उगाई जाती हैं।
पीढ़ियों से चली आ रही सब्जी खेती, गांव को मिली खास पहचान स्थानीय किसान दिनेश कुमार ने बताया कि इन गांवों में सब्जी की खेती की परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है। समय के साथ यह कृषि पद्धति न केवल बढ़ी है, बल्कि इसने गांव को एक विशिष्ट पहचान भी दिलाई है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि अन्य फसलों की खेती यहां बहुत कम होती है। स्थानीय किसान दिनेश, सुरेश और रामचंद्र।
स्थानीय किसान दिनेश, सुरेश और रामचंद्र। सीधे व्यापारियों को बिक्री से किसानों को मिलता है उचित मूल्य किसान अपनी उपज सीधे व्यापारियों को बेचते हैं, जिससे उन्हें उचित मूल्य मिलता है। पास में ही मंडी होने के कारण परिवहन और बिक्री में किसानों को कोई समस्या नहीं आती। व्यापारी स्वयं गांव आकर सब्जियों की खरीद करते हैं, जिससे किसानों को बाजार तक उपज ले जाने का खर्च नहीं उठाना पड़ता। इस सफल मॉडल के कारण खैरा अंदोली और समदा गांव आज सब्जी उत्पादन के क्षेत्र में एक मिसाल बन गए हैं। वे ‘सब्जियों के ब्रांडेड गांव’ के रूप में अपनी पहचान लगातार मजबूत कर रहे हैं।
