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सामुदायिक सहयोग से संवरेगा सरकारी स्कूलों का स्वरूप, पोर्टल पर अपलोड करनी होगी जरूरतें।

समस्तीपुर भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत विद्यालयों में जनसहभागिता बढ़ाने और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से ‘विद्यांजलि 5.0 विशेष अभियान’ की शुरुआत की है।

 

इस अभियान के माध्यम से स्कूलों की आधारभूत संरचना को मजबूत करने, भवनों के रंग-रोगन और अन्य आवश्यक संसाधनों की पूर्ति सामुदायिक सहयोग से की जाएगी।अभियान के तहत प्रत्येक विद्यालय अपनी आवश्यकताओं को विद्यांजलि पोर्टल पर अपलोड करेगा। इसके बाद स्वैच्छिक संस्थाएं, एनजीओ, पूर्व छात्र, जनप्रतिनिधि, व्यापारी संघ, बैंक, सरकारी अधिकारी और स्थानीय नागरिक मिलकर उन जरूरतों को पूरा करेंगे।

 

बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के राज्य योजना निदेशक ने इस संबंध में सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों और सर्व शिक्षा अभियान के जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसमें कहा गया है कि प्रत्येक जिले में विशेष कैंपेन चलाकर विद्यालयों की जरूरतें पोर्टल पर दर्ज की जाएं और जनसमुदाय को इस पहल से जोड़ा जाए। विद्यांजलि 5.0 से स्कूल अब केवल सरकारी सहायता पर निर्भर नहीं रहेंगे। सामुदायिक और संस्थागत सहयोग से विद्यालयों की रंग-रोगन, मरम्मती और अन्य आवश्यकताओं की पूर्ति सुगमता से हो सकेगी।इस अभियान के जरिए न केवल स्कूलों की सूरत संवरेगी, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में समाज की सक्रिय भागीदारी भी सुनिश्चित होगी। स्वयंसेवकों को जोड़ना: यह पहल स्वयंसेवकों, पूर्व छात्रों, और कॉर्पोरेट संस्थाओं को स्कूलों से जोड़ती है, जो अपनी सेवाएं या संसाधन प्रदान कर सकते हैं।

 

स्वयंसेवक स्कूलों में पढ़ा सकते हैं, व्यावसायिक कौशल सिखा सकते हैं, विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की सहायता कर सकते हैं, और सांस्कृतिक एवं खेल गतिविधियों में भाग ले सकते हैं। स्वयंसेवक स्कूलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए सामग्री, उपकरण, या अन्य संसाधनों का योगदान कर सकते हैं। इसका उद्देश्य स्कूलों को सामुदायिक और निजी क्षेत्र की भागीदारी से और अधिक मजबूत और सुदृढ़ बनाना है।

 

यह विद्यांजलि का एक विशेष अभियान है, जिसके तहत स्कूलों के वातावरण को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। इस अभियान में स्वयंसेवकों को सफेदी (सफेद रंग से पुताई), पेंटिंग, मामूली मरम्मत और सौंदर्यीकरण जैसे कार्यों में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया जाता है। इसका लक्ष्य छात्रों के लिए एक जीवंत और प्रेरणादायक शिक्षण स्थान बनाना है।

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