सुबह से शाम तक आसमान बादलों से घिरा रहा और बीच-बीच में हल्की से मध्यम वर्षा होती रही। पूरे दिन सूर्य के दर्शन लोगों को नहीं हुए और वातावरण पूरी तरह नम और ठंडा बना रहा। बारिश का असर जिले के राजनीतिक गतिविधि पर भी पड़ी। तेजस्वी यादव की सभा स्थगित करनी पड़ी वहीं घर घर पहुंचकर मतदाताओं से संपर्क करने की गतिविधि भी कमजोर पड़ी।
शहरी जीवन पर भी पड़ा असर
बेगूसराय शहर और आसपास के इलाकों में दिनभर रुक-रुक कर हुई वर्षा से जनजीवन भी प्रभावित रहा। मुख्य सड़कों और गलियों में जलजमाव हो गया, जिससे लोगों को आवाजाही में परेशानी हुई। कई स्थानों पर नालियां उफनने लगीं और बाजार क्षेत्रों में कीचड़ जमा हो गया। दुकानदारों ने बताया कि लगातार बारिश के कारण ग्राहकों की आवाजाही में कमी रही और कारोबार प्रभावित हुआ। एक नवंबर के बाद मौसम साफ होने की उम्मीद है और किसानों को सावधानीपूर्वक कृषि कार्य पुनः आरंभ करने की सलाह दी गई है।
ग्रामीण कृषि मौसम सेवा, पूसा (समस्तीपुर) और भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार मोंथा चक्रवात का प्रभाव अगले 12 से 24 घंटों तक बना रह सकता है। इस दौरान जिले के अधिकांश इलाकों में हल्की वर्षा तथा कुछ स्थानों पर मध्यम वर्षा होने की संभावना जताई गई है। मौसम विशेषज्ञों ने बताया कि चक्रवाती दबाव फिलहाल बिहार के ऊपर सक्रिय है, लेकिन इसके धीरे-धीरे पूर्व दिशा की ओर खिसकने से स्थिति में सुधार आने लगेगा।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 1 नवंबर की दोपहर के बाद मौसम में सुधार होने की संभावना है। इस दौरान अधिकतम तापमान 25 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 21 से 23 डिग्री सेल्सियस के आस-पास रहेगा। पूर्वा दिशा से औसतन 7 से 10 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है। वहीं 4 और 5 नवंबर को पछिया हवा चलने के आसार हैं, जिससे वातावरण में हल्की ठंडक महसूस होगी। मौसम विज्ञान केंद्र पटना ने शुक्रवार को बेगूसराय के लिए किसी प्रकार का विशेष अलर्ट जारी नहीं किया है, लेकिन किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।





