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बिहार के सहरसा में महादलित बस्ती की स्थिति:जम्हरा पंचायत का मामला 700 परिवारों की बस्ती में न सड़क, न पानी।

बस्ती के लोग कच्ची सड़क पर चलने को मजबूर बस्ती के लोग कच्ची सड़क पर चलने को मजबूर सहरसा के पतरघट प्रखंड मुख्यालय से 8 किलोमीटर दूर जम्हरा पंचायत की महादलित बस्ती आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। वार्ड नंबर 10 के भड़ना मुसहरी टोला में लगभग 700 महादलित परिवार निवास करते हैं। इस बस्ती में 550 से अधिक मतदाता हैं। बस्ती में विकास का कोई चिह्न नहीं दिखता। यहां न पक्की सड़क है, न पीने के पानी की व्यवस्था और न ही शौचालय की सुविधा।

 

 

स्वास्थ्य केंद्र और विद्यालय भी नहीं है। प्रखंड मुख्यालय से बस्ती का पश्चिमी हिस्सा जुड़ा है। लेकिन पूर्वी दिशा में पंचायत मुख्यालय तक पहुंचने का कोई रास्ता नहीं है। बच्चों की शिक्षा भी प्रभावित हो रही है। नजदीकी विद्यालय तीन किलोमीटर दूर है। रास्ते में सुनसान जंगल और पगडंडी होने के कारण बच्चे स्कूल जाने से डरते हैं। एक आंगनवाड़ी केंद्र है, जो अधिकतर बंद रहता है।

 

स्थानीय निवासी विधानंद सादा, ससतानंद, बुटन सादा, सूकन, पवन, दिनेश सादा, हरि सादा और डोमनी देवी, मुंगिया देवी, मुन्नी देवी, कोमली देवी का कहना है कि नेता और जनप्रतिनिधि केवल चुनाव के समय वोट मांगने आते हैं। इसके बाद उनका कोई पता नहीं चलता। पंचायत के 20 वार्डों में से केवल वार्ड नंबर 10 ही मुख्य सड़क से नहीं जुड़ा है।

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