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कीचड़ व जलजमाव से बीमारियों का खतरा, जर्जर सड़क से बढ़ी परेशानी।

मधुबनी नगर निगम के वार्ड-7 कुशेश्वरी मोहल्ला में लोग मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। सफाई न होने, जलजमाव, और मच्छरों के बढ़ते प्रकोप की समस्या है। स्थानीय लोग नाला निर्माण की मांग कर रहे.

 

कीचड़ व जलजमाव से बीमारियों का खतरा, जर्जर सड़क से बढ़ी परेशानी मधुबनी । मधुबनी नगर निगम क्षेत्र के वार्ड-7 कुशेश्वरी मोहल्ला के लोगों को मूलभूत सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। नियमित सफाई नहीं होना, बारिश के बाद लंबे समय तक जलजमाव, मच्छरों के बढ़ते प्रकोप के बावजूद ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव व फाॅगिंग नहीं होना, स्ट्रीट लाइट का नहीं लगना, पेयजल स्तर का गिरना समेत अन्य समस्याएं हैं। लोगों का कहना है कि बारिश के बाद जलजमाव यहां की मुख्य समस्या है।

 

सड़कों पर घुटने भर पानी जमा होने की वजह से स्थानीय लोगों को आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ता है। नगर निगम के कार्यों पर उठा रहे सवाल : स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर निगम के कार्य सिर्फ कागजों पर सीमित है धरातल पर कहीं कोई काम नहीं दिखता। वर्षों से कुशेश्वरी मोहल्ला हल्की बारिश में पानी से घिरता रहा है। बावजूद न तो वार्ड कमिश्नर ध्यान दे रहें हैं न ही नगर निगम के अधिकारी। यहां के लोग अधिकारियों से नल -जल और सड़क निर्माण के लिए फरियाद करते आ रहे हैं, लेकिन अधिकारियों की तरफ से हमेशा आश्वासन ही मिला है।

 

समस्याओं को दूर करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। सड़कों पर पानी के जमाव होने का मुख्य कारण नाला निर्माण नहीं होना है। नियमित सफाई नहीं होने से आता है दुर्गंध: वार्ड में निरंतर साफ-सफाई नहीं होनी की वजह से जगह-जगह कचरे के ढेर और इससे निकलने वाली बदबू और मच्छरों से लोगों का जीना दुर्लभ हो गया है। पानी की निकासी नहीं होने की वजह से सड़कों पर पानी भर जाता है। इस वजह से सड़क पर चलना भी मुश्किल हो जाता है।

 

स्थानीय लोगों का कहना है कि चुनाव के वक्त नगर निगम के मेयर जनता को वादे करके चले गए लेकिन जीतने के बाद किसी वायदों पर काम नहीं हुआ। क्षेत्र की जनता समस्याओं से आज भी जूझ रहे हैं। लोगों का कहना है कि नगर निगम में शामिल होने के बाद लगा था शहरी सुविधाओं का लाभ मिलेगा, लेकिन आज भी समस्याएं जस की तस बनी हुई है। इनका कहना है कि निगम में आने के बाद टैक्स तो दे रहे हैं, लेकिन सुविधा नहीं मिलने से मन दुखी होता है। जब तक क्षेत्र में सड़क और नाला की समस्याएं दूर नहीं होती तब तक टैक्स का भुगतान नहीं किया जाएगा।

 

बार-बार वार्ड कमिश्नर को सड़क पर जलजमाव की समस्या से अवगत कराया गया लेकिन वो उन्होंने भी नजरअंदाज ही किया। गंदे पानी के बीच रहने से बीमारियों का भय : नगर निगम क्षेत्र के कुशेश्वरी मोहल्ला की स्थिति बारिश के मौसम में बेहद खराब हो जाती है। कई दिनों तक पानी के बीच नारकीय स्थिति में रहने को विवश होते हैं।

 

नाला निर्माण नहीं होने के कारण सड़कों पर महीनों तक गंदा पानी जमा रहता है, इससे इलाके में जलजमाव की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। इस गंदे पानी का लंबे समय तक जमाव रहने से मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ता है, जिससे डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा लगातार बना रहता है। लोग अपने घरों से बाहर निकलने में डरते हैं, क्योंकि सड़कों पर फैला कीचड़ और गंदगी परेशानी का सबब बन जाती है।

 

मिथिलेस, गुड्डू, जितेंद्र आदि लोगों का कहना है कि इस स्थिति में सबसे ज्यादा परेशानी छोटे बच्चों और बुजुर्गों को होती है। बच्चे स्कूल जाने के लिए जब बाहर निकलते हैं तो रास्ते में भरे गंदे पानी में कई बार फिसलकर गिर जाते हैं। नगर निगम और स्थानीय जनप्रतिनिधि इस समस्या के प्रति पूरी तरह उदासीन हैं। जनप्रतिनिधि ध्यान नहीं देते। न तो नाले का निर्माण कराया जाता है और न ही जल निकासी की कोई स्थायी व्यवस्था की जाती है। नागरिकों को मजबूरी में कीचड़ भरे रास्तों से गुजरना पड़ता है।

 

नाला निर्माण नहीं होने से समस्या : नगर निगम क्षेत्र के कुशेश्वरी मोहल्ला में नाला निर्माण अब तक नहीं हो पाया है। इस कारण हल्की से मध्यम बारिश में ही गंदा पानी सड़कों पर जमा हो जाता है। जलजमाव के चलते स्थानीय लोगों को रोजमर्रा की आवाजाही में भारी परेशानी उठानी पड़ती है। वर्षों से नाला निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन हर बार यह मांग केवल फाइलों में दबकर रह जाती है। बरसात के मौसम में स्थिति और विकट हो जाती है। सड़कों पर गंदा पानी भर जाता है, जिसमें पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है।

 

वाहन फिसलने का खतरा बना रहता है और बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं इस पानी से होकर निकलने को मजबूर हैं। स्कूल जाने वाले बच्चों को रोजाना कीचड़ भरे रास्तों से होकर गुजरना पड़ता है। लोगों ने नगर निगम से मांग की है कि वार-7 के प्रभावित इलाकों में तत्काल प्रभाव से नाले का निर्माण कराया जाए, ताकि जलजमाव की समस्या से निजात मिल सके।

 

यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो क्षेत्र में बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है। नलजल का पाइप बिछाने का काम अधूरा, जलस्तर गिरने से संकट जलस्तर नीचे चले जाने से चापाकल से पानी निकलना बंद हो जाता है। बारिश के बाद हालात थोड़े बदले हैं, लेकिन पूरी तरह से सुधार नहीं हो सका है। मुख्यमंत्री के सात निश्चय योजना के तहत हर घर नल का जल याेजना की हकीकत बिल्कुल अलग है। नल जल योजना का कार्य कई जगहों पर अधूरा पड़ा है।

 

पाइपलाइन बिछाने का काम या तो पूरा नहीं हुआ है या फिर पाइप इधर-उधर बिखरे पड़े हैं, जिससे न केवल आवागमन में बाधा उत्पन्न होती है बल्कि दुर्घटना की संभावना भी बनी रहती है। कई गांवों और मोहल्लों में आज भी नल से पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। जबकि योजना का शुभारंभ कई वर्ष पहले किया गया था। कई स्थानों पर नल तो लगाए गए हैं, लेकिन उनमें या तो पानी नहीं आता या फिर कुछ दिन चलने के बाद व्यवस्था ठप हो जाती है। इससे लोगों को मजबूरन कुएं, हैंडपंप या दूर-दराज के जल स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ता है, जिससे शुद्ध पेयजल की उपलब्धता एक सपना बनकर रह जाती है।

 

बोले जिम्मेदार वार्ड संख्या 7 कुशेश्वरी मोहल्ला से मंगरौनी जाने वाली सड़क की जर्जर स्थिति की जानकारी मिली है। नल और सड़क निर्माण कार्य वार्ड के अन्य क्षेत्र में कार्य किया जा रहा है। जल्द ही नाला व सड़क की समस्याओं को दूर किया जाएगा, ताकि स्थानीय लोगों को आवागवन में हो रही परेशानी से निजात मिल सके। -अनिल कुमार नगर आयुक्त मधुबनी।

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