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24 घंटे में औसतन 60.33 एमएम बारिश, नहरों में पानी आने के कारण धनरोपनी में मिली मदद।

बारिश होने से तापमान में भी हुई गिरावट, लोगों को गर्मी से मिली राहत
जिले में बीते दो दिनों से रह-रह कर हो रही बारिश ने किसानों के की चिंता को बहुत हद तक कम कर दी है। वहीं, कई प्रखंड में नहर में आए पानी से भी किसान को धनरोपनी करने में मदद मिल रही है। जिले में इस साल की सबसे अधिक बारिश 3 अगस्त को दर्ज की गई।

 

शनिवार की रात से रविवार की सुबह 8 बजे तक जिले में कुल 1267.8 एमएम वर्षा हुई जबकि औसतन बारिश 60.33 एमएम दर्ज की गई जो इस साल का सबसे अधिक बारिश वाला दिन रहा। सबसे अधिक बारिश राजनगर प्रखंड में 171.2 एमएम हुई तो वही सबसे कम बारिश बिस्फी प्रखंड में 16.4 एमएम हुई। इस तरह प्रखंड में अभी तक कहीं 30 तो कहीं 40 प्रतिशत खेतों को किसान ने आबाद कर लिया है।

बाबूबरही प्रखंड के किसान रामसोगारथ ने बताया कि हम लोगों ने दमकल से खेतों में पटवन कर खेतों को आबाद किया था। लेकिन वर्षा नहीं होने के कारण खेतों में दरार आ गया था जिस कारण धान का पौधा भी जलने लगा था। लेकिन इस बारिश से बहुत हद तक राहत मिली है। अगर एक दो दिन के बाद भी बारिश हुई तो भी अब पौधे बच जाएंगे। वहीं, लदनियां, लौकहा, लौकही, झंझारपुर आदि प्रखंड के किसानों ने बताया कि नहर में पानी आने से हम लोगों ने भी बहुत हद तक अपने खेतों को आबाद कर लिया है। किसान सुमन झा ने बताया कि सरकार की तरफ से जो मदद हम किसानों को मिलनी चाहिए, वह नहीं मिलती है।

अंधराठाढ़ी 81.0 बाबूबरही 51.6 बासोपट्टी 66.2 बेनीपट्टी 42.0 बिस्फी 16.4. घोघरडीहा 67.2 हरलाखी 60.4 जयनगर 41.0 झंझारपुर 73.2 कलुआही 46.4 खजौली 64.2 खुटौना 69.6 लदनियां 23.2 लखनौर 78.4 लौकही 85.2 मधेपुर 62.6 मधवापुर 45.4 पंडौल 28.4 फुलपरास 66.8 रहिका 27.6 राजनगर 171.2।

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