वार्ड 24 में जलसंकट, लाखों खर्च के बाद न बोरिंग हुआ चालू न पानी मिला मधुबनी । नगर निगम क्षेत्र के वार्ड संख्या 24 की जनता इन दिनों पानी संकट से जूझ रही है।
मोहल्ले के लोग परेशान हैं, महिलाएं सिर पर बाल्टी लेकर पानी के इंतज़ाम में भटक रही हैं, और जिम्मेदार विभाग आंख मूंदे बैठा है। तिलक चौक पोखर के पास जिस बोरिंग के नाम पर एक साल पहले लाखों रुपये की निकासी की गई, वह बोरिंग आज तक चालू नहीं हो सकहा है। न पाइपलाइन बिछी, न ही किसी घर तक पानी पहुंचा। निगम के नियम के अनुसार बिना काम पूरा हुए और पानी की सप्लाई किये बिना राशि निकासी नहीं हो सकती, लेकिन इस वार्ड में संवेदक और कर्मियों की मिलीभगत से बिना पानी निकाले ही राशि गायब कर दी गई।
यहां सिर्फ बोरिंग ही अधूरा नहीं है, बल्कि जिस टावर पर पानी की टंकी रखी जानी है, वह टावर भी आधा-अधूरा और झुका हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उसकी ढलाई तक ढंग से नहीं की गई, पिलर केवल दो फीट तक खड़ा किया गया है और छत झुक चुकी है। यह कभी भी गिर सकता है और बड़ा हादसा हो सकता है। लोगों ने जताया आक्रोश: मोहल्ले के असगर अली, मुर्तजा अंसारी, मो. मुकीम, इरशाद, प्रिंस, और सुमित साफी बताते हैं कि यह स्थिति पिछले छह सालों से बनी हुई है। हर घर नल जल योजना की शुरुआत तो हुई लेकिन धरातल पर कुछ नहीं हुआ। महिलाओं को रोजाना दूसरे वार्डों से पानी लाना पड़ता है।
नसीम, सुहाना परवीन और लीला खातून कहती हैं कि सबसे ज्यादा तकलीफ महिलाओं को होती है, खाना पकाने से लेकर बच्चों को नहलाने तक हर काम के लिए पानी की किल्लत बनी रहती है। इसी वार्ड में डिप्टी मेयर अमानुल्लाह खान का आवास भी है। वे खुद इस योजना के कामकाज से नाराज हैं। उनका कहना है कि उनके आसपास तक कनेक्शन नहीं पहुंचा है, जब बोरिंग से पानी ही नहीं निकला तो कनेक्शन का मतलब ही क्या? महंथी लाल चौक पर हर वक्त गंदगी और कचरा फैला रहता है।
सामान्य बारिश के बाद पानी भर जाता है, लोग फिसलते हैं, दुर्घटनाएं होती हैं। यह हालात शहर के उस इलाके की कहानी बयां करती है जहां कागज़ों पर योजना के नाम पर लाखों खर्च हो चुका है। ये भी पढ़ें: मरीन ड्राइव जा रहे हैं तो खबर जान लें, गंगा जेपी रोड पर जाम से सभी स्टॉल बंद; वजह जान लें अधिकतर चापाकल सूखने से बढ़ी परेशानी: नगर निगम के वार्ड संख्या 24 में पेयजल के लिए हाहाकार मचा हुआ है।
यहां के अधिकांश मोहल्लों में लगे चापाकल सूख चुके हैं, और नल-जल योजना सिर्फ कागजों पर चल रही है। तिलक चौक पोखर के पास एक साल पहले बोरिंग और पाइपलाइन के नाम पर कार्य शुरू हुआ, लेकिन न बोरिंग चालू हुआ और न ही कोई कनेक्शन मिला। इसके बावजूद लगभग 70 लाख रुपये की राशि निकाल ली गई है, जो नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। बिना एक बूंद पानी दिए ही राशि निकासी करने से स्थानीय जनता में भारी आक्रोश है।
चौंकाने वाली बात यह है कि बोरिंग स्थल पर जो टंकी टावर बनाया गया है, वह भी अधूरा और झुका हुआ है, जो कभी भी गिर सकता है। लोगों की मांग है कि निगम के अधिकारी वस्तुस्थिति जानने के लिए क्षेत्र का भ्रमण करें और सुविधा बहाल करने के साथ लापरवाह कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे। कार्यों में बरती जा रहीअनियमितता स्थानीय निवासियों का कहना है कि टंकी टावर की ढलाई आधी-अधूरी की गई है। उसका पिलर सिर्फ दो फीट ऊंचा बनाया गया है। ऊपर की छत पहले से ही झुकी है। इस कारण यह टावर खतरा का कारण बन चुका है।
वार्ड के असगर अली, मुर्तजा अंसारी, मो.मुकीम, सुमित साफी और अन्य नागरिकों ने बताया कि पिछले छह सालों से हर घर नल-जल योजना की बात हो रही है, लेकिन कभी पाइपलाइन नहीं बिछी और न ही पानी पहुंचा। मोहल्ले के अधिकांश लोग आज भी पानी के लिए दूसरे वार्डों पर निर्भर हैं। सुहाना परवीन, नसीम और लीला खातून बताती हैं कि सुबह से ही बाल्टी-बर्तन लेकर इधर-उधर पानी की तलाश करनी पड़ती है। यह हालत शहरी क्षेत्र में सरकार की विफलता को उजागर करता है।
हर बार योजना शुरू होती है लेकिन लाभ सिर्फ कागज पर दिखता है। जलजमाव से परेशानी वार्ड-24 की हालत यह है कि यहां न सिर्फ पानी की सुविधा बाधित है, बल्कि साफ-सफाई की स्थिति भी बेहद दयनीय है। महंथी लाल चौक जैसे महत्वपूर्ण इलाके में कचरा महीनों तक जमा रहता है और हल्की बारिश में ही पानी भरकर सड़क को दलदल बना देता है। स्कूटी और बाइक सवार अक्सर गिर जाते हैं, जिससे लोगों की जान जोखिम में रहती है।
नालियों की सफाई नहीं होती है। -बोले जिम्मेदार- इस वार्ड की समस्या को लेकर मिल रही शिकायत की जांच होगी। निगम प्रशासन की प्राथमिकता है कि लोगों को शीघ्र स्वच्छ जल उपलब्ध कराया जाए। सभी अभियंताओं को निर्देश दिया है कि वे वार्ड में जाकर व्यक्तिगत निरीक्षण करें और रिपोर्ट प्रस्तुत करें। कोई भी गड़बड़ी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए अब हर योजना की प्रगति से लगातार विभाग को जानकारी दी जा रही है।
शीघ्र ही समस्या का समाधान हो जायेगा। -मो. अदनान,टाउन प्लानर यह अत्यंत दुखद है कि वार्ड-24 में, जहां मेरा अपना आवास है, वहां भी नल-जल योजना पूरी तरह विफल है। पिछले एक साल में इस योजना के नाम पर जितना पैसा निकाला गया, उसका धरातल पर कोई लाभ नहीं दिख रहा है। न बोरिंग चालू है, न पाइपलाइन, और न ही कोई जल आपूर्ति हो रही है। खुद अपने मोहल्ले के कई घरों में जाकर देखा है कि महिलाओं को पानी के लिए परेशान होना पड़ता है। टंकी टावर की स्थिति भी चिंताजनक है, वह पूरी तरह असंतुलित है। इसकी उच्चस्तरीय जांच कराई जायेगी और जिम्मेदार संवेदक पर कड़ी कार्रवाई होगी। -अमानुल्लाह खान, डिप्टी मेयर





