मुख्यमंत्री राजनीतिक जीवन से लें सन्यास : सांसद।
दरभंगा: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा बिहार के पूर्व मुख्य सचिव दीपक कुमार को प्रधानमंत्री का प्रधान सचिव बताए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए दरभंगा के सांसद डॉ गोपाल जी ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री जी अब मानसिक रूप से कमज़ोर हो चुके है या प्रधानमंत्री बनने का भूत उन पर इस कदर सवार है कि वह पीएम और सीएम का अंतर भूल चुके है।
उन्होंने कहा की पीएम का शौक पालना अच्छी बात है, परंतु महत्वाकांक्षा में खुले मंच से इस तरह का बयान एक सीएम को शोभा नहीं देता है। उन्होंने कहा की नीतीश कुमार को बिहार के हित में अब राजनीतिक जीवन से सन्यास ले लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि सीएम का दरभंगा दौरा पूरी तरह विफल रहा।महागठबंधन एवं प्रशासनिक महकमा के अथक मेहनत के वाबजूद सीएम नीतीश कुमार के कार्यक्रम से आम लोगों ने दूरी बना लिया। श्री ठाकुर ने कहा कि नीतीश कुमार खुद के राज्य में इतने अलोकप्रिय हो गए है कि लाख कोशिश के वाबजूद आम जनता उनके कार्यक्रम से नदारद रहीं। कोठराम में आयोजित जनसभा में जीविका दीदी को बैठाकर भीड़ का शक्ल देने का प्रयास किया गया लेकिन वह प्रयास भी सफल नहीं हुआ। सांसद ने कहा कि सीएम के कार्यक्रम में दक्षिण बिहार की उपलब्धि को दिखाया गया।
सांसद ने कहा की उत्तर बिहार में कोई विकास हुआ ही नहीं है जिस कारण यहां के कार्यक्रम में भी दक्षिण बिहार की उपलब्धि को गिनवाया जा रहा है।उन्होंने कहा कि अब मुख्यमंत्री का स्तर इतना कम हो गया है कि वह अपने सलाहकार के बातों पर मरम्मत कार्यों का भी उद्घाटन करने लगे है। उन्होंने कहा कि दरभंगा एयरपोर्ट पर जिस रिंग बांध का उद्घाटन सीएम किए है वह दशकों पूर्व दरभंगा महाराज के द्वारा निर्माण कराया गया था। उन्होंने कहा कि यह सब षड्यंत्र कुछ तथाकथित लोगों द्वारा दरभंगा एयरपोर्ट का श्रेय लेने के लिए किया जा रहा है। परंतु दरभंगा की जनता सब जानती है कि कैसे बिहार सरकार जानबूझकर दरभंगा एयरपोर्ट के विस्तार एवं विकास हेतु 78 एकड़ जमीन देने में कई वर्ष लगा दी है और वह केंद्रीय उड्डयन मंत्री और एएआई के काफी हस्तक्षेप के पश्चात जमीन दिया गया है। अब जब भारत सरकार इस एयरपोर्ट को अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट के अनुरूप बनाने हेतु लगभग एक हजार करोड़ रुपए खर्च करने का डीपीआर बना रही है तो पुनः इसका श्रेय लेने का होड़ लग गया है।
सांसद डॉ ठाकुर ने कहा कि सीएम नीतीश कुमार पूर्ण रूप से राजनीतिक पर्यटन मंत्री बन चुके है। बिहार का विकास एवं लॉ एंड आर्डर को भगवान भरोसे छोड़कर राजनीतिक तीर्थाटन पर अन्य राज्यों राजनीतिक पार्टियों के यहां दर दर भटक कर गुहार लगा रहे हैं। परंतु इनका पीएम बनने का सपना बिहारवासी ही कभी पूर्ण नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अभी भी घोषणा मंत्री बने हुए है, जो काफी हास्यास्पद है। सांसद ने कहा कि अगर मुख्यमंत्री जी को इतना ही तीर्थाटन करने का शौक है तो डीएमसीएच का निरीक्षण कर लेते, जहां आज भी इसके स्थापना काल के बाद एक अदद नाला का निर्माण नहीं हो सका है, अभी बरसात आने वाली है, जहां एकबार पुनः डीएमसीएच फ्लोटिंग डीएमसीएच बन कर रह जाएगा। इसके अलावा सीएम और इनके बड़े भाई जंगल राज के प्रणेता लालू यादव अपने दशकों शासनकाल के वाबजूद डीएमसीएच में आज तक कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी, कैंसर, ऑर्थो जैसी सुपर स्पेशलिटी का कोई सुविधा उपलब्ध नही करा सकें जो इनके मिथिलाविरोधी होने का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि दरभंगा और मिथिला के लोगों की आकांक्षा को पूर्ण करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा दरभंगा में 750 बेड वाले एम्स स्थापना हेतु वर्ष 2020 में ही 1264 करोड़ रुपया दिया जा चुका है, परंतु मुख्यमंत्री जी मिथिला के साथ अपने पुराने राजनीतिक द्वेष के कारण अभी तक दरभंगा एम्स निर्माण के लिए जमीन नहीं उपलब्ध कराए है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अपने सलाहकार के बातों में आकर मिथिला का उपेक्षा कर रहें है। उन्होंने कहा कि सिर्फ दरभंगा में कचरा निस्तारण प्लांट, केंद्रीय विद्यालय, आयुष अस्पताल, खेलो इंडिया के तहत के विभिन्न खेल अवसंरचना सहित कई केंद्रीय परियोजना का निर्माण जमीन के अभाव में लंबित है। उन्होंने कहा कि मिथिला और मैथिली के साथ प्रपंच करते हुए मिथिला हाट को मुख्यालय में बनाने के बजाय अररिया ग्राम में बनाया गया। मुख्यालय में मिथिला हाट बनने से लाखों लोगों को इसका फायदा होता परन्तु राजनीतिक द्वेष के कारण इसे अररिया ग्राम में बनाया गया, जहां उसकी कोई उपयोगिता नहीं है। वहीं सीएम मिथिला में एक भी उद्योग लगाने में न सिर्फ विफल रहे अपितु एक भी पर्यटन स्थल अथवा धार्मिक स्थल का भी विकास नहीं किए।
सीएम तुष्टिकरण की राजनीति के लिए अपने मंत्रिमंडल के मंत्रियों को एक विशेष धर्म को गाली देने का ठेकेदारी दे रखें। सांसद ने कहा कि मिथिला के लोग सारी चीजों को समझते है आने वाले साल में होने वाले लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव में राज्य की जनता इन्हें सबक सिखाने के लिए तैयार बैठी है।
