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दरभंगा में लाठीचार्ज में कई बीजेपी कार्यकर्ता घायल:मशाल जुलूस निकालने पहुंचे थे।

दरभंगा में डिप्टी मेयर नाजिया हसन के RSS पर दिए गए विवादित बयान के विरोध में शनिवार को बीजेपी कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। हिंदू संगठनों के साथ मशाल जुलूस निकालने की तैयारी थी, लेकिन जिला प्रशासन की ओर से अनुमति नहीं दी गई। इसके बावजूद कार्यकर्ता आयकर चौराहे पर जुटे।

पुलिस ने मशाल जब्त करने की कोशिश की तो धक्का-मुक्की शुरू हो गई। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। इसमें कई बीजेपी कार्यकर्ता घायल हो गए। इलाज के लिए DMCH में भर्ती कराया गया। मामले की जानकारी मिलते ही बिहार सरकार के मंत्री जीवेश मिश्रा देर रात अस्पताल पहुंचे। घायलों से मुलाकात कर उनका हाल जाना।

डीएमसीएच में घायल कार्यकर्ताओं से मिले मंत्री जीवेश मिश्रा।
दोषी अधिकारी पर कार्रवाई होगी

मंत्री जीवेश मिश्रा ने कहा, ‘वीडियो फुटेज मंगाई जा रही है। एसएसपी को निर्देश दिया गया है कि स्थानीय लोगों की गवाही और फुटेज देखने के बाद दोषी अधिकारी पर कार्रवाई हो। मशाल जुलूस की अनुमति नहीं थी। कार्यकर्ताओं ने खुद को सरेंडर किया था। इसके बाद किस परिस्थिति में लाठीचार्ज हुआ, यह जांच का विषय है।

जब मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग में 35% महिलाओं की बहाली की है, तो मौके पर महिला पुलिस क्यों नहीं थी। महिलाओं पर लाठीचार्ज पुरुष पुलिसकर्मी ने क्यों किया। जब तक वीडियो फुटेज नहीं देखे जाते, तब तक कुछ भी कहना उचित नहीं होगा। इसलिए एसएसपी को निर्देश दिया गया है कि वे खुद निगरानी में वीडियो देखने के बाद दोषियों पर कार्रवाई करें।

DM और SSP को फोन पर निर्देशित करते हुए मंत्री।
केवटी विधायक डॉ. मुरारी मोहन झा ने कहा, ‘घायलों से मिलने DMCH गया था। SDPO सदर का कहना है कि सिर्फ धक्का-मुक्की हुई थी। लेकिन अस्पताल में घायलों की हालत देखकर ऐसा लग रहा है कि लाठीचार्ज हुआ है।

भाजपा और संघ के हजारों कार्यकर्ता शांतिपूर्वक जुलूस निकाल रहे थे। इसकी सूचना पहले ही प्रशासन को दी गई थी। फिर भी लाठीचार्ज किया गया। यह कार्रवाई अनुचित थी। मामले की जांच सीबीआई से होनी चाहिए। दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई हो। जिन कर्मियों ने लाठीचार्ज किया, उन्हें जेल भेजा जाए।

पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्का मुक्की।
महिलाओं पर भी लाठियां बरसाई

वहीं, महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष सपना भारती ने कहा कि प्रशासन ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज किया। इसमें 15 से 20 लोग घायल हुए। सभी का इलाज डीएमसीएच में चल रहा है। पुरुष कार्यकर्ताओं पर जब लाठीचार्ज शुरू हुआ, तब महिलाएं बचाव के लिए आगे आईं। पुरुष कर्मियों ने महिलाओं पर भी लाठियां चलाईं।

जिलाध्यक्ष को लात मारकर जमीन पर गिरा दिया गया। इसका सबूत उनके पास है। आज तक ऐसा माहौल कभी नहीं देखा। प्रशासन जनता की सेवा के लिए है, लेकिन यहां उल्टा हो रहा है। हम लोग अपनी आवाज उठाने आए थे, प्रशासन को समर्थन करना चाहिए था। पुलिस ने जब जिलाध्यक्ष को नहीं छोड़ा, तो आम कार्यकर्ताओं को क्या छोड़ेंगे।

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