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बदहाल सफाई, पेयजल संकट और अतिक्रमण से कराह रहा बेलवागंज।

बेलवागंज मोहल्ले में लोग गंदगी, अतिक्रमण और पेयजल किल्लत से परेशान हैं। निर्माण कार्य अधूरा है और लोग जल निकासी की समस्या का सामना कर रहे हैं। निगम के अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं, जिससे स्थिति।

 

बदहाल सफाई, पेयजल संकट और अतिक्रमण से कराह रहा बेलवागंज शहर के बेलवागंज मोहल्ले में बदहाली का आलम है। लोग गंदगी, अतिक्रमण, पेयजल किल्लत व अधूरे निर्माण की असुविधाओं से परेशान हैं।

 

लोगों का कहना है कि मॉनिटरिंग के अभाव में बुनियादी सुविधाएं बेपटरी हैं। डस्टबिन नहीं रहने से लोग सड़क पर कचरा डंप करते हैं। उसे उठाकर सफाई कर्मी बेलावागंज प्राथमिक विद्यालय से सटे सड़क किनारे के खाली भूखंड पर डंप कर देते हैं। लोग बताते हैं कि अगल-बगल के कई मोहल्लों का कचरा भी बेलवागंज में डंप होता है।

 

इस वजह से वातावरण बदबूदार बना है। लोग घरों के आगे बने नाले के टूटे स्लैब दिखाते हैं। बताते हैं कि गाहे-बगाहे बड़े-बच्चे सब टूटे ढक्कन से चोटिल हो रहे हैं। मोहल्ले के सुमित कुमार, राजाबाबू, गौरीशंकर साह आदि का कहना है कि महीनों से नाला व सड़क निर्माण कार्य अधूरा है। वे इसके लिए निगम प्रशासन को जिम्मेदार करार देते हैं।

 

इनका कहना है कि पानी की निकासी ठप है। पुराने नाले जाम हो गए हैं। घरों से आने-जाने में दिक्कत होती है। मोहल्ले के सतीश कुमार, लालबाबू साह, प्रभात कुमार आदि बताते हैं कि करीब 27 लाख 70 हजार की लागत से सड़क व नाले का निर्माण कार्य शुरू कराया गया है। इसमें से करीब 40 फीसदी कार्य करने के बाद बीते तीन महीने से संवेदक गायब है। इस वजह से मोहल्ले के लोग आशंकित हैं कि निर्माण पूर्ण होगा या नहीं।

 

अगर ऐसी ही स्थिति रही तो बारिश के दौरान मोहल्ले के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। उनकी शिकायत है कि निगम के अधिकारी इस पर ध्यान नहीं देते हैं। लोगों ने बताया कि बेलवागंज में भीषण पेयजल किल्लत है। पीएचईडी की ब्लू वाटर सप्लाई पाइपलाइन जगह-जगह लीकेज से बेकार है। मात्र 20 प्रतिशत घरों में पानी पहुंच रहा है। चापाकल सूखे हैं और एक भी सार्वजनिक सबमर्सिबल नहीं है।

 

निगम के वाटर टैंकर आने का कोई निर्धारित समय नहीं है। नहाने-धोने व खाना बनाने का समय बीतने पर दोपहर में पानी लेकर टैंकर आता है। इससे पानी लेकर लोगों को अगले दिन तक के लिए स्टोर करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि अधिकतर गरीब परिवारों के पास पानी स्टोर करने के लिए पर्याप्त मात्रा में बर्तन या ड्रम नहीं है। इस वजह से पेयजल के लिए लोग सबमर्सिबल वाले पड़ोसियों के मुहताज बने हैं। अधिकारियों को इस पर ध्यान देना चाहिए।

 

अतिक्रमण के कारण सबमर्सिबल गाड़ने के लिए नहीं मिल रहा स्थान: बेलवागंज मोहल्ला दरभंगा नगर निगम के वार्ड नंबर 42, 36 एवं 37 का हिस्सा है। बेलवागंज के पूर्वी भाग वार्ड 36 की पार्षद फिरदौस जहां बताती हैं कि मिर्जा खां तालाब के पास सबमर्सिबल लगा हुआ है। साथ ही हाल ही में लीकेज को दुरुस्त कराकर पेयजलापूर्ति सुचारू की गई है। वहीं, बेलवागंज पश्चिमी भाग वार्ड 37 के पार्षद मो. रियासत अली एवं बेलवागंज के मुख्य भाग वार्ड 42 की पार्षद अंबिका कुमारी पेयजल किल्लत की बात स्वीकारते हैं।

 

साथ ही बताते हैं कि सबमर्सिबल गाड़ने के लिए जगह नहीं मिल रही है। उन्होंने बताया कि मोहल्ले की गलियों की सड़क व नाले पर लोगों ने घरों की सीढ़ियां बना रखी हैं। -बोले जिम्मेदार- शहर के अन्य मोहल्लों की तरह बेलवागंज में भी नियमित रूप से सफाई अभियान चलाया जाता है। इसकी मॉनिटरिंग भी होती है। पेयजल के लिए मोहल्ले में पानी के टैंकर भेजे जाते हैं। अतिक्रमण के खिलाफ भी निगम की ओर से समय-समय पर अभियान चलाया जाता है।

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