दरभंगा के अलीनगर से BJP विधायक मिश्री लाल की गिरफ्तारी के खिलाफ समर्थकों ने केवटी में सोमवार देर शाम कैंडल मार्च निकाला।मार्च का नेतृत्व विधायक के बेटे धीरज यादव ने किया। इस दौरान दर्जनों समर्थक और कार्यकर्ता मौजूद रहे। समर्थकों ने, ‘जेल मौत से नहीं डरेंगे, मेरे विधायक मत घबराना, तेरे पीछे सारा जमाना’, नारे लगाए। झूठे केस में फंसाया गया धीरज यादव ने कहा कि उनके पिता हमेशा गरीबों और समाज के अंतिम पंक्ति के लोगों की लड़ाई लड़ते रहे। यह बात सामंती ताकतों को बर्दाश्त नहीं है। जिस केस में विधायक को फंसाया गया है, उसमें वो बिल्कुल निर्दोष हैं। असली आरोपी उमेश मिश्रा है।
उमेश मिश्रा पर 1977 में रेप का आरोप लगा था। उस समय मिश्रीलाल यादव ने आंदोलन करके उसे जेल भिजवाया था। उमेश मिश्रा को बड़े नेताओं का संरक्षण मिला है। स्थानीय विधायक, मधुबनी सांसद और दूसरे जिलों के नेता उसके करीबी हैं। इन लोगों ने मिलकर साजिश रची है। कैंडल मार्च में शामिल समर्थक।
कैंडल मार्च में शामिल समर्थक। पूरे बिहार में प्रदर्शन करेंगे धीरज यादव ने आगे कहा कि जनता हमारे साथ है। किसी से डरने वाले नहीं हैं। भूमि संघर्ष मोर्चा के बैनर के तले आंदोलन जारी रहेगा। जब तक न्याय नहीं मिलेगा, तब तक दरभंगा ही नहीं, पूरे बिहार में प्रदर्शन होगा। मिश्रीलाल यादव 2001 में मुखिया थे, तब उन पर गोली चली थी। एमएलसी बनने पर सर्टिफिकेट नहीं दिया गया। जबरन छीना गया। जब यह सब नहीं चला तो झूठे मुकदमे में फंसाया गया। केवटी से चिंगारी अब राज्यव्यापी आंदोलन बनेगी।
जब बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, तब उनके पिता वीआईपी से विधायक थे। तीन विधायकों ने बीजेपी को समर्थन दिया था। इतनी बड़ी कुर्बानी देने के बाद भी स्थानीय नेता उन्हें मिटाने की कोशिश कर रहे हैं। जनता हमारे साथ है, कोई उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकता। सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं।