कच्चा और बदहाल रास्ता वाहन चालकों के लिए बड़ी समस्या बन गया है। गड्ढों से भरे इस उबड़-खाबड़ रास्ते पर चलना खतरनाक है। धूल-मिट्टी के कारण राहगीरों का चलना मुश्किल हो गया है। दोपहिया और चार पहिया वाहन बार-बार फंस रहे हैं।
हाल ही में एक टाटा एस मालवाहक वाहन सीतामढ़ी की ओर आते समय पीछे की ओर खिसकने लगा। घाट पर पक्की सीढ़ियों के निर्माण में लगे मजदूरों ने तुरंत दौड़कर वाहन को धक्का दिया। इससे एक बड़ी दुर्घटना टल गई।
स्थानीय लोगों के अनुसार ऐसी घटनाएं आम हो गई हैं। वाहन या तो फंस जाते हैं या फिसलने की स्थिति में आ जाते हैं। सरकार और प्रशासन से मांग की जा रही है कि इस अस्थाई मार्ग को जल्द से जल्द पक्का और सुरक्षित बनाया जाए।
यह मार्ग तीर्थयात्रियों, स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों के लिए जीवन रेखा है। इसकी लगातार उपेक्षा चिंता का विषय है। समय रहते ध्यान न दिया गया तो कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है।





