ठनका से बचने का उपाय बताते शिक्षक।
पेड़ और बिजली के खंभे के नीचे कभी न खड़ा हो
वह बच्चों को बताते हैं कि वर्षा हो तो बाहर कतई ना रहे, छतदार मकान में शरण लें। पेड़ और बिजली के खंभे के नीचे कभी न खड़ा हो । यदि आप खेत में बाहर हो तो जमीन पर बैठकर दोनों हाथ से कान को बंद कर लें। इस दौरान मोबाइल का कतई प्रयोग ना करें ।मोबाइल का स्विच ऑफ कर दें। खेतों में बाहर कैसे बैठना है इसको लेकर वह क्लास रूम में दो बच्चों को जमीन पर बैठने का तरीका भी बताते हैं।
टीचर्स-डे पर मिल चुका है अवार्ड
बैजनाथ रजक को इस अनोखे अंदाज में पढ़ने के लिए बिहार सरकार ने शिक्षक दिवस के मौके पर पुरस्कृत भी किया है। इससे पहले भी भगदड़ मेला, लू, आंधी तूफान समेत अन्य मुद्दों को लेकर उनका वीडियो सामने आ चुका है।
शिक्षक बैद्यनाथ रजक साल 2006 से ही प्राथमिक कन्या विद्यालय मालदह हसनपुर में पदस्थापित हैं।यह लगातार शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार करते आ रहे हैं। इससे पहले भी टीचर आपदा से बचाव, खेल-खेल में पढ़ाने, बच्चों को स्कूल से जोड़ने, चमकी को धमकी देने, किताब से दिल लगाने और लू पर बनाया गया गीत काफी सुर्खियां बटोर चुके हैं। पढ़ाने के अनोखे अंदाज और उत्कृष्ट शिक्षण शैली के कारण ही कि बिहार सरकार ने भी इन्हें राजकीय शिक्षा पुरस्कार प्रदान किया है। पढ़ाने का इनका यह अंदाज बच्चों को खूब भाता है।





