अनुसंधान एवं बीज उत्पादन केंद्र को कर्नाटक के शिवमोग्गा जिले में स्थानांतरित करने का निर्णय लिया है। यह फैसला केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया। बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस निर्णय पर आपत्ति जताई है और इसे किसान विरोधी बताया है।
केंद्र ने बेगूसराय का मक्का अनुसंधान केंद्र कर्नाटक भेजा तेजस्वी यादव ने NDA सरकार को किसान विरोधी बताया मक्का उत्पादन में बिहार के किसानों की प्रमुखता पर उठाए सवाल।
बेगूसराय: बिहार में इस साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इस बीच केंद्र की मोदी सरकार ने बिहार को एक बड़ा झटका दिया है।
केंद्र सरकार ने बेगूसराय स्थित भारतीय मक्का अनुसंधान संस्थान (IIMR) के मक्का अनुसंधान एवं बीज उत्पादन केंद्र को कर्नाटक में शिफ्ट करने का फैसला किया है। यह प्लांट अब कर्नाटक के शिवमोग्गा जिले में जाएगा।
शिवराज सिंह चौहान ने दी जानकारी दरअसल, केंद्र सरकार ने भारतीय मक्का अनुसंधान संस्थान (IIMR) के बेगूसराय स्थित मक्का अनुसंधान एवं बीज उत्पादन केंद्र को कर्नाटक के शिवमोग्गा जिले में स्थानांतरित करने का निर्णय लिया है। केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने इस फैसले पर अपनी सहमति दे दी है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस बारे में जानकारी दी है। शिवराज सिंह चौहान ने बीवाई राघवेंद्र को लिखे पत्र में कहा कि वह शिवमोग्गा में आईसीएआर-आईआईएमआर क्षेत्रीय अनुसंधान स्टेशन की स्थापना को लेकर उनकी चिंता को समझते हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि 15वें वित्त आयोग की अवधि (वित्त वर्ष 2021-22 से 2025-26) के दौरान, भारतीय मक्का अनुसंधान संस्थान (IIMR), बेगूसराय स्थित क्षेत्रीय स्टेशन को शिवमोग्गा में स्थानांतरित करने की मंजूरी दी गई है। 1997 में शुरू हुआ था मक्का रिसर्च सेंटर बेगूसराय में मक्का रिसर्च सेंटर 4 मई 1997 को शुरू हुआ था। अब केंद्र सरकार इसे कर्नाटक ले जा रही है। इस खबर से बिहार की राजनीति में गर्मी आ गई है।
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने एनडीए सरकार पर जमकर हमला बोला है। तेजस्वी यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, एनडीए और बीजेपी को बिहार और बिहार के किसानों से क्या परेशानी है? उन्होंने कहा कि पूर्णिया, कटिहार, भागलपुर, मधेपुरा, सहरसा, खगड़िया और समस्तीपुर जिलों के किसानों की मुख्य आय मक्का की खेती से ही होती है। अन्नदाता इसका हिसाब करेंगे तेजस्वी ने आगे कहा कि नीलगाय और बाढ़ की समस्या से जूझते हुए भी बिहार के किसान मक्का उत्पादन में पूरे देश में सबसे आगे हैं। उनके अनुसार, यह फैसला किसान और बिहार विरोधी है और बिहार के किसान इसका जवाब देंगे। बिहार के अन्नदाता इसका हिसाब करेंगे।




