प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कपछाही गांव में भीषण आग लगी थी। जिसमें 16 परिवारों का सब कुछ जलकर राख हो गया था। इसमें से बहादुरपुर अंचलाधिकारी के द्वारा मात्र 10 लोगों को ही मुआवजा दिया गया। 6 लोग अभी बाकी हैं। उन्हें अविलंब मुआवजा दिया जाना चाहिए। इलाके के सैकड़ो गरीब भूमिहीन जिस भूमि पर रह रहे हैं उस भूमी का पर्चा अब तक गरीबों को नहीं दिया गया है।
प्रदर्शनकारियों की मांग
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि गरीबों के लिए अंत्योदय योजना के तहत दिए जाने वाले राशन का कालाबाजारी किया जा रहा है। मनरेगा का जॉब कार्ड नहीं बन रहा है। इसकी वजह से गरीब आवास योजना के लिए अप्लाई नहीं कर पा रहे हैं। इनकी प्रमुख मांगों में स्मार्ट मीटर को हटाने और सभी गरीबों को 200 यूनिट बिजली फ्री में देना शामिल है।
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए सीपीएम के राज्य सचिव श्याम भारती ने कहा कि आंचल प्रशासन की घूसखोरी से तंग आकर गरीब आंदोलन पर उतर चुके हैं। 3 मार्च से ही आंदोलन शुरू कर दिया गया है। जो की संतोषजनक वार्ता होने तक जारी रहेगा।
अगर वक्त रहते अधिकारी वार्ता कर संतोषजनक निदान नहीं करेंगे। तो आंदोलन को उग्र रूप दिया जाएगा। आंदोलन में राम सागर पासवान, राजीव चौधरी, रूबी देवी, कमलेश पासवान सहित दर्जनों लोग शामिल थे।





