शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षक नियुक्ति नियमावली का विरोध शिक्षा हित में नहीं है. चंद्रशेखर ने आगे मीडिया से कहा कि बिहार ज्ञान की भूमि रही है. इसको वापस लाना है. सरकार की तरफ से उसी दिशा में कदम बढ़ाया गया है. बिहार की जो विरासत रही है, दुनिया भर में डंका बजता था. उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग इस नई नियमावली का विरोध कर रहे हैं वो रोजगार के खिलाफ हैं.
डॉ. चंद्रशेखर ने कहा कि नई नियमावली बेरोजगारी को दूर करने वाला एतिहासिक कदम है. यह राज्य और शिक्षा हित में सरकार की बहुत बड़ी पहल है. कहा कि इसका विरोध किसी भी स्तर पर सही नहीं ठहराया जा सकता है. शिक्षा मंत्री ने विरोध करने वाले युवाओं और संगठनों से कहा कि ऐसा नहीं करना चाहिए. यदि वे लटकाना चाहते हैं तो यह बेरोजगार युवाओं के हितों के प्रतिकूल होगा.
बता दें कि सरकार ने हाल ही में 1.78 लाख शिक्षकों की भर्ती की मंजूरी दी है. यह भर्ती नई नियमावली के तहत होगी. कैबिनेट से फैसला आने के बाद इसका विरोध शिक्षक अभ्यर्थी और नियोजित शिक्षक कर रहे हैं. क्योंकि नियोजित शिक्षकों को सरकारी कर्मी होने के लिए प्रतियोगिता परीक्षा देनी होगी. उन्हें इसमें पास करना होगा. इसलिए सरकार से इसे वापस लेने की मांग की जा रही है. शिक्षक अभ्यर्थियों के साथ साथ शिक्षक संघ ने भी इसका विरोध किया है.

 को मीडिया से बातचीत में चंद्रशेखर ने कहा कि नई नियमावली में कोई बदलाव नहीं होगा. शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर ने यह भी कहा कि नई नियमावली जो आई है उसके समर्थन में लोगों को खड़ा होना चाहिए. इससे राज्य का हित होगा.</p><div class=)



