बिहार में फिर से ‘घोटालों का पिटारा’ खुला है. विजय सिन्हा ने तेजस्वी यादव के कार्यकाल पर संगीन आरोप लगाए हैं.
विजय सिन्हा का बड़ा आरोप
पटना : बिहार उप मुख्यमंत्री सह पथ निर्माण मंत्री विजय सिन्हा ने तेजस्वी यादव पर गंभीर आरोप लगाए हैं. विजय सिन्हा ने पथ निर्माण विभाग में गड़बड़ी की लेकर बड़ा खुलासा किया है. इस आरोप के बाद बिहार में जमकर सियासत होने वाली है.बिहार में 26 करोड़ का घोटाला हुआ :उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि तत्कालीन उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के कार्यकाल में पथ प्रमंडल गया के अंतर्गत 26 करोड़ से अधिक की अनियमितता की गई है. उन्होंने कहा कि इन तीनों पथों के निर्माण में भारी गड़बड़ी हुई, यह जांच में पता चला है.
विजय सिन्हा का बड़ा आरोप
कहां-कहां हुई गड़बड़ी ? :विजय सिन्हा ने कहा कि पथ प्रमंडल गया के अंतर्गत, बाजीरगंज-तपोवन पथ 19.18 किलोमीटर में गड़बड़ी.
जमुआ-सेवतर पथ 17.5 किलोमीटर में गड़बड़ी, भिंडस-चमण्डीह पथ 21.3 किलोमीटर के निर्माण में गड़बड़ी हुई है.”इन तीनों पथों के निर्माण में स्थानीय पत्थर का प्रयोग किया गया और उसे पाकुड़ का दिखाया गया है. राजा कंस्ट्रक्शन के द्वारा काम किया गया था. इस कंपनी के सभी कार्यों की समीक्षा की जाएगी. लोगों के द्वारा पत्थर को लेकर शिकायत की गई थी.
26 करोड़ से अधिक राशि अवैध और गलत तरीके से भुगतान किया गया है.”- विजय कुमार सिन्हा, उपमुख्यमंत्री, बिहार’विभाग को वित्तीय नुकसान पहुंचाया गया’ :विजय कुमार सिन्हा का कहना है कि उस समय सत्ता में बैठे लोगों ने गड़बड़ी की और दोषी पदाधिकारी पर कार्रवाई भी नहीं की. पथ निर्माण विभाग को वित्तीय नुकसान पहुंचाया गया. राजा कंस्ट्रक्शन को संरक्षण देने वालों पर भी कार्रवाई होगी. विजय सिंह ने सांसद सुरेंद्र यादव से भी कंपनी के लगाव की ओर इशारा किया.
”इसके अलावा बांका जिला के सुल्तानगंज में कांवरिया पथ में स्थानीय लोगों की शिकायत पर जांच में कई गड़बड़ी मिली है. इस मामले में संवेदक पर कार्रवाई की जा रही है.
ऐसे संवेदकों को काली सूची में डाली जाएगी. गड़बड़ी करने वालों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी.”- विजय कुमार सिन्हा, उपमुख्यमंत्री, बिहारसड़क का भी हेल्थ कार्ड बनाया जाएगा :विजय सिन्हा ने कहा कि पथ निर्माण विभाग के अंतर्गत पूर्व और वर्तमान के प्राक्कलन की जांच होगी. पुलों के साथ-साथ सड़क का भी हेल्थ कार्ड बनाया जाएगा. पथ निर्माण विभाग में जांच के लिए IIT और NIT के इंजीनियरों की टीम बनाई जाएगी, जो विभाग के सभी योजनाओं की डिजाइन की जांच कर सके.




