दिनकर पुस्तकालय सिमरिया के तत्वावधान में आज से शहीद दिनेश सिंह की 71वीं जयंती पर स्मृति पखवाड़ा शुरू हो गया। पखवाड़ा के पहले दिन बुद्धिजीवियों, पुस्तकालय, दिनकर स्मृति विकास समिति के सदस्यों एवं पदाधिकारियों ने शहीद दिनेश सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया कर उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विचार विमर्श किया।
माल्यार्पण के बाद मुचकुंद वाचनालय में आयोजित गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए दिनकर पुस्तकालय के अध्यक्ष विश्वंभर सिंह ने कहा कि शहीद दिनेश सिंह सिमरिया के विकास और नवजागरण के पुरोधा थे, उनका कृतित्व महान था। पूर्व सचिव संजीव कुमार सिंह ने कहा कि शहीद दिनेश सिंह और चंद्रकुमार शर्मा बादल सिमरिया के विकास एवं पुस्तकालय की स्थापना में नींव के पत्थर के रूप में थे। दिनकर स्मृति विकास समिति के अध्यक्ष कृष्ण कुमार शर्मा ने कहा कि दिनेश सिंह अपने गांव और पुस्तकालय के प्रति हमेशा चिंतनशील रहते थे। पत्रकार प्रवीण प्रियदर्शी ने कहा कि बदलते दौर में दिनकर पुस्तकालय को डिजिटल बनाने से ही शहीद दिनेश के सपने को साकार किया जा सकता है। इसके लिए समिति के सदस्यों को पहल करनी चाहिए। दिनकर स्मृति विकास समिति के कोषाध्यक्ष रामनाथ सिंह ने कहा कि सबसे मिल-जुलकर रहना उनके स्वभाव में था। वे गांव के अधिसंख्य लोगों को साथ में लेकर चलते थे। उनके द्वारा होने वाले आयोजनों का गांव पर व्यापक प्रभाव पड़ा और बदलाव भी हुआ। लक्ष्मणदेव कुमार ने शहीद दिनेश सिंह के पदचिह्नों पर चलने का आह्वान किया और पुस्तकालय की स्थापना में उनके योगदान को विस्तार से बताया। कार्यक्रम में उपस्थित लोग।
कार्यक्रम में उपस्थित लोग। पुरस्कार वितरण समारोह होगा शहीद दिनेश सिंह स्मृति खेलकूद प्रतियोगिता के संयोजक कृष्ण मुरारी ने कहा कि आगामी दिनों में सिमरिया और आसपास के पंचायत में छात्रों-युवाओं के बीच खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है।
इसका समापन 16 जनवरी को शहीद दिनेश सिंह की पुण्यतिथि के अवसर पर पुरस्कार वितरण समारोह किया जाएगा। संचालन दिनकर पुस्तकालय के सचिव संजीव फिरोज ने किया। गोष्ठी को दिनकर स्मृति विकास समिति के सचिव प्रदीप कुमार, मुखिया प्रतिनिधि गोपाल कुमार, अमरदीप सुमन, राजेन्द्र राय नेताजी, गीता राय एवं टिंकू मल्लिक ने भी संबोधित किया। मौके पर पुस्तकाध्यक्ष विशुनदेव राय, राजेश कुमार, उमेश सिंह, सुनील कुमार सिंह, रंजन कुमार और प्रणय राज सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित थे।




