32वीं बिहार न्यायिक सेवा में सहरसा के 26 साल के प्रकाश आनंद ने 27वां रैक हासिल किया है। कम उम्र में बिहार न्यायिक सेवा में सफलता को लेकर युवक के माता पिता सहित पूरे गांव में खुशी का माहौल है। प्रकाश आनंद के पिता हीरा कुमार सिंह पेशे से एडवोकेट है। वे सहरसा व्यवहार न्यायालय में काम करते है। जबकि मां रूबी देवी बतौर शिक्षिका के रूप में गांव के प्राथमिक विद्यालय अमरपुर में पदस्थापित है।
2021 से शुरू की न्यायिक सेवा परीक्षा की तैयारी
प्रकाश आनंद के पिता हीरा कुमार ने कहा कि प्रकाश की प्रारंभिक शिक्षा गांव के ही कन्या मध्य विद्यालय हरिपुर से हुई। यहां से साल 2013 में मैट्रिक परीक्षा पास किया। इसके बाद झारखंड के बोकारो से साल 2015 में इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से साल 2018 में ग्रेजुएशन किया। इस दौरान न्यायिक सेवा में जाने का मन बना लिया था। इसके बाद साल 2021 में बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से एलएलबी की डिग्री हासिल किया। साल 2023 में परीक्षा में पहली बार बैठे।
दोस्त की शादी में मिली जज बनने की खुशी
प्रकाश आनंद ने बताया कि वे पटना में एक दोस्त की शादी में गए हुए थे। तभी फोन पर मैसेज आया कि वे 32वीं बिहार न्यायिक सेवा परीक्षा में 27वां रैक लाए है। इस बीच दोस्तों का बधाई देने के लिए फोन आना शुरू हो गया। वे कहते है कि उन्हें अब विश्वास नहीं हो रहा है कि उन्होंने अच्छे रैक से सफलता हासिल किया है। प्रकाश आनंद ने इस सफलता का श्रेय माता-पिता के अलावा शिक्षक और दोस्तों को दिया है। मां रूबी देवी ने कहा कि उनका बेटा शुरू से ही पढ़ाई में मेधावी छात्र रहा है। पिता हीरा कुमार सिंह ने बेटे के जज बनने पर गर्व महसूस करने की बात कही है।




