दरभंगा : दरभंगा के दो बिजनेसमैन कुर्सी पर बैठे-बैठे लुट गए, कहीं आपके साथ भी तो नहीं हो रहा ये ‘खेल’
दरभंगा में एक सप्ताह के अंदर दो बड़े व्यवसायियों को साइबर फ्रॉड का शिकार बनाते हुए 11 लाख रुपये की ठगी हुई। एक नर्सिंग होम के डायरेक्टर से बिजली बिल जमा करने के नाम पर 3 लाख रुपये और एक कपड़ा व्यवसायी से बड़े कंपनी का शो रूम दिलाने के नाम पर 8.55 लाख रुपये की ठगी हुई।
दरभंगा में साइबर अपराधियों ने एक हफ्ते में दो व्यापारियों से लगभग 11 लाख रुपये की ठगी की है पहली घटना में कपड़ा व्यापारी रानू कुमार से साइबर अपराधियों ने 8 लाख 55 हजार रुपये ठगे। दूसरी घटना में नर्सिंग होम के डायरेक्टर सुजय मिश्रा को बिजली बिल के नाम पर 1 लाख 82 हजार रुपये की ठगी
दरभंगा: बिहार के दरभंगा में साइबर अपराधियों ने एक हफ्ते में दो बड़े व्यापारियों को निशाना बनाकर लगभग 11 लाख रुपये की ठगी कर ली है। एक घटना में NBPDCL अधिकारी बनकर एक बड़े नर्सिंग होम से बिजली बिल के नाम पर लगभग 3 लाख रुपये ठगे गए, जबकि दूसरे मामले में एक कपड़ा व्यापारी से बड़ी कंपनी का शोरूम दिलाने के बहाने लगभग 9 लाख रुपये की ठगी की गई। दोनों मामलों में दरभंगा के साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और जांच जारी है। कपड़ा व्यापारी से साढ़े आठ लाख की ठगी पहली घटना में गुदरी बाजार के एक कपड़ा व्यापारी रानू कुमार से साइबर अपराधियों ने 8 लाख 55 हजार रुपये की ठगी की। पीड़ित व्यापारी को एक ब्रांडेड कंपनी के साथ व्यापार करने का ऑफर दिया गया और रजिस्ट्रेशन के लिए एक रिक्वेस्ट भेजा गया। 27 सितंबर को कंपनी के एक अज्ञात नंबर से विनोद पांडेय नाम के एक व्यक्ति ने फोन किया और रजिस्ट्रेशन के लिए 2 लाख 75 हजार रुपये नेफ्ट करने को कहा। पीड़ित ने पैसे भेज दिए। इसके बाद 10 अक्टूबर को NOC और रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट के लिए 5 लाख 90 हजार रुपये और मांगे गए। जब तीसरी किश्त की मांग की गई तो व्यापारी को ठगी का एहसास हुआ। तब तक साइबर अपराधियों ने 8 लाख 55 हजार रुपये की ठगी कर ली थी। बिजली बिल के नाम पर ठगी दूसरी घटना में शहर के एक बड़े नर्सिंग होम के डायरेक्टर सुजय मिश्रा को नार्थ बिहार पावर डिस्ट्रिब्यूशन कंपनी (NBPDCL) के नाम से फोन आया। उन्हें बताया गया कि अगर उन्होंने 9 बजे तक अस्पताल का बिजली बिल जमा नहीं किया तो बिजली काट दी जाएगी। मरीजों की परेशानी को देखते हुए उन्होंने 1 लाख 82 हजार रुपये का भुगतान कर दिया। बाद में उन्हें पता चाल कि मांगने वाला एक साइबर फ्रॉड है। मामले की जांच कर रही पुलिस साइबर थानाध्यक्ष अवधेश कुमार ने बताया कि दोनों मामलों में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और जांच की जा रही है। उन्होंने लोगों से इस तरह के कॉल्स से सावधान रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की है।
