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बिहार : घर में कैद लोग और नाव पर टिकी जिंदगानी, महानंदा ने 60 सालों का तोड़ा रिकॉर्ड; बिहार में यहां हर तरफ पानी 

कटिहार जिले में पिछले 60 वर्ष का रिकॉर्ड तोड़ते हुए महानंदा तेज गति से अपना रूद्र रूप दिखा रहा है। आजमनगर में लोगों का कहना है कि इस बार महानंदा पिछले 60 वर्ष का रिकॉर्ड तोड़ रहा है। जलस्तर में इस तेजी से वृद्धि हो रही है।

घर में कैद लोग और नाव पर टिकी जिंदगानी, महानंदा ने 60 सालों का तोड़ा रिकॉर्ड; बिहार में यहां हर तरफ पानी

 

बिहार में बाढ़ ने त्राहिमाम मचा रखा है। लोगों के घर पानी में डूबे हैं और कई जगहों पर तबाही का मंजर साफ तौर से नजर आ रहा है। बाढ़ नियंत्रण विभाग के अनुसार आज से कोसी बेराज से छोड़ा गया पानी का असर कुरसेला में कोसी नदी में दिखने लगेगा। जबकि मंगलवार को गंगा नदी में गंडक नदी द्वारा छोड़ा गया पानी का असर दिखेगा। इधर कटिहार जिले में महानंदा नदी का जलस्तर पांच प्रखंड में बढ़ रहा है।

 

24 घंटे में महानंदा नदी का पानी नदी के डाउन स्ट्रीम अमदाबाद में न्यूनतम 17 और आजमनगर में अधिकतम 58 सेमी बढ़ गया है। जबकि नदी के अप स्ट्रीम झौआ में 56 सेमी बढ़ गया है। इससे कदवा, बलरामपुर के विभिन्न जगहों पर नदी का पानी फैलने लगा है। बलरामपुर में कई मुख्य सड़कों पर नदी का पानी चढ़ने से लोगों के लिए आवागमन करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं कुछ सड़कों पर पानी ज्यादा बहने से आवागमन ठप हो गया है।

 

दो दर्जन से अधिक गांव के निचले इलाके में पानी फैलने लगा है। इससे गांव के लोगों के बीच बाढ़ की चिंता सताने लगी है। इधर, गंगा, कोसी, बरंडी और कारी कोसी का जलस्तर घट रहा है। बावजूद गंगा नदी के किनारे स्थित अमदाबाद, मनिहारी, बरारी और कुरसेला के तीन नगर पंचायत और 39 पंचायात में बाढ़ का पानी फैला हुआ है। इससे एक लाख से अधिक लोग बाढ़ से परेशान है। जिले के पांच दर्जन से अधिक गांव के सड़कों और पुल व पुलिया के समीप नदी का पानी बहने से प्राशासन द्वारा आवागमन के लिए नाव की व्यवस्था की गई है। खतरे के निशान से महानंदा 95 सेमी ऊपर बाढ़ नियंत्रण विभाग के अधीक्षण अभियंता दीपक कुमार ने बताया कि खतरे के निशान से महानंदा नदी का पानी झौआ में 71 सेमी, बहरखाल में 94सेमी, आजमनगर में 81सेमी, धबौल में 78सेमी, कुर्सेल में 95सेमी, दुर्गापुर में 87सेमी और गोविंदपुर में 94सेमी ऊपर हो गया है। उन्होंने बताया कि कोसी, गंगा, बरंडी और कारी कोसी का जलस्तर घट रहा है।

 

बावजूद खतरा के निशान से कोसी का जलस्तर 44सेमी, बरंडी नदी का जलस्तर 70 सेमी, गंगा नदी का जलस्तर 67सेमी ऊपर है। जबकि रामायणपुर में खतरे के निशान से नीचे उतर गई है। आवागमन लिए नाव बनी एकमात्र सहारा पिछले 60 वर्ष का रिकॉर्ड तोड़ते हुए महानंदा तेज गति से अपना रूद्र रूप दिखा रहा है। आजमनगर में लोगों का कहना है कि इस बार महानंदा पिछले 60 वर्ष का रिकॉर्ड तोड़ रहा है। जलस्तर में इस तेजी से वृद्धि हो रही है। जिसे समझना काफी मुश्किल हो गया है। प्रखंड क्षेत्र के इमामनगर, बैरिया, चांदपुर, कनहरिया ,रतनपुर, अवलिया,बेलवाड़ी आदि दर्जनों गांव के लोगों को आवागमन के लिए सरकारी स्तर पर नाव आवंटित किया गया है। उक्त गांव के लोगों के आवागमन के लिए ना्व ही एकमात्र सहारा है।

अंचल अधिकारी मो. रिजवान आलम ने बताया कि केलाबारी पंचायत के इमामनगर से मंदिर टोला गांव के लोगों के लिए 6 नावें आवंटित की गई है। कुमारीपुर व फतेनगर पंचायत के लोग सहमे बाढ़ और राहत सामाग्री मनिाहारी अंचल के लिए बड़ी समस्या उत्पन्न हो गई है । भीमनगर बैराज से छोड़े गए अप्रत्याशित पानी के डर से लोग काफी सहमे हुए हैं । इस अंचल के कुल चौदह पंचायत के लगभग पंचायत आंशिक तो कुछ पुर्ण रूपेन प्रभावित है । कुमारीपुर पंचायत के वार्ड 16 तथा 17 आदिवासी बहुल बैरगाछी गांव बाढ़ से प्रभावित है। पंचायत के पूर्व उप मुखिया प्रवेज आलम, ग्रामीण विक्रम मुर्मू, लखीराम टुडु, सावन मुमु, मंगलु बेसरा,बलतु हांसदा,संजय मुर्मू मरंग कुड़ी सोरेन,मंजी किस्कू, रितलाल हेम्ब्रम, मुन्नी टुडु शंकर मंडल आदि लोगो ने सीओ के खिलाफ आक्रोश जताया।

अमदाबाद में गंगा के जलस्तर में 17 सेमी की कमी अमदाबाद प्रखंड के महानंदा नदी के जलस्तर में अप्रत्याशित जल वृद्धि से आम जनता की स्थिति त्राहिमाम हो गई है। गंगा नदी के जलस्तर 12 सेंटीमीटर की कमी आई है। फिर भी प्रखंड के विभिन्न गांवों में बाढ़ जैसे हालात बना हुआ हैं। जिससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है। प्रखंड के पार दियारा, दुर्गापुर, भवानीपुर खट्टी, दक्षिणी करीमुल्लापुर सहित प्रखंड के सभी पंचायत के कई गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। इन इलाकों में लोगों के घरों में पानी घुस गया है। जिससे उनके जीवनयापन में कठिनाई आ रही है। आवागमन से लेकर आवश्यक सुविधाओं तक पहुंच मुश्किल हो गया है। बाढ़ पीड़ित परिवारों को भोजन और पेयजल जैसी मूलभूत जरूरतों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।

 

स्कूलों में घुसा पानी, घरों से निकलना मुश्किल महानंदा का जल स्तर अब भी खतरे के निशान से ऊपर है। क्षेत्र के शेखपुरा, शिकारपुर, बिझारा, तैयबपुर, भौनगर आदि पंचायतों का अधिकांश आबादी बाढ के चपेट में है। बाढ प्रभावित क्षेत्र में सरकारी सुविधा के नाम पर कुछ नहीं मिला है। एक दो जगहों को छोड कर कहीं भी सरकारी नाव की व्यवस्था नहीं है। बाढ पीड़ितों के बीच अब तक सुखा राशन, प्लास्टिक आदि का वितरण नहीं होने से लोगों में आक्रोश व्याप्त है। बाढ प्रभावित क्षेत्र के सडकों पर पानी बह रहा है।

 

नाव के अभाव में लोग जरूरी सामान के लिए घर से बाहर नहीं निकल पा रहा है। लोग भाड़ेका नाव से काम चला रहा है। सेकडों एकड़ में लगा धान का फसल नष्ट हो गई है। आजमनगर में दर्जनों गांव पर बाढ़ का खतरा आजमनगर में महानंदा नदी का पानी काफी तेज रफ्तार से बढ़ रहा है। आजमनगर स्पर संख्या 56 के निकट महानंदा का जलस्तर 70 सेंटीमीटर खतरे के निशान को पार कर गया है। अभियंता की माने तो इस वर्ष में महानंदा का जलस्तर में रिकॉर्ड तोड़ वृद्धि देखी जा रही है। बढ़ते जल स्तर को लेकर ग्रामीणों के बीच एक बार फिर से बाढ़ की चिंता सताने लगी है। संभावित बाढ़ की खौफ से तटवर्तीय क्षेत्र के लोगों की रात की नींद हराम हो गई है। सबसे ज्यादा शिव मंदिर टोला इमामनगर,बैरिया,चांदपुर, अवलिया, कन्हैरिया,बहरखाल आदि सहित एक दर्जन गांवों से अधिक लाखों की आबादी को बाढ़ का खौफ सता रहा।

संवेदक के खिलाफ ग्रामीणों का प्रदर्शन बारसोई प्रखंड के शिवानंदपुर पंचायत अंतर्गत मथुरापुर स्कूल मोर से कुम्हारटोली सड़क का पूरी तरह से जर्जर होने से परेशान लोगों ने प्रदर्शन किया। नियाज अहमद अंसारी, मोहम्मद बबलू, मो. फरजुन ने कहा कि मथुरापुर स्कूल मोर से कुमारटोली मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना के तहत लगभग 59 ,03,287 की लागत से सड़क निर्माण कराया गया था। वर्ष 2019 में सड़क का निर्माण कार्य पूरा हुआ था । उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण के समय सड़क के साइड में गोल्ड रिंग पीचिंग नहीं करने से करोड़ों की लागत की सड़क नदी में टूटकर बेकार हो रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एवं जिला पदाधिकारी कटिहार से सड़क को मरम्मत कराने की मांग की है।

 

सड़क के ऊपर से बह रहा पानी विगत तीन चार दिनों से हुयी बारिश से महानन्दा नदी के जलस्तर में उफान आ गयी है। जिसकी वजह से बलरामपुर प्रखंड क्षेत्र के कुछ पंचायतों को बाढ़ का पानी चारों तरफ से घेर लिया है। प्रखंड क्षेत्र के कोलटोला, बालूगंज, माधेपुर, सबनपुर, धनहरा, कल्याणगांव, अंझरेल सहित करीब दर्जन भर गांव पूरी तरह जलमगन हो गया है। कमरा पंचायत के माधेपुर से बागडोब जाने वाली मुख्य सड़क के ऊपर से तेज बहाव के साथ पानी बहने से आवागमन ठप हो चुकी है। लुत्तीपुर पंचायत के आदमपुर से प्रखंड मुख्यालय तेलता होते हुए दालकोला जाने वाली मुख्य सड़क में दो तीन स्थानों में सड़क के ऊपर से पानी बहने से आवागमन पूरी तरह ठप होने के साथ प्रखंड मुख्यालय से सड़क सम्पर्क टूट गया है।

 

ग्रामीणों ने बताया कि कदवा प्रखंड को जोड़ने वाली धनहरा एवं कुरूम के बीच प्रधानमंत्री सड़क के डूब जाने से आवागमन ठप है। पानी जिस रफ्तार से बढ़ रहा है उसे देखकर लोग काफी डरे सहमे हुए है। अगर जलस्तर में और वृद्धि हुयी तो स्थिति गंभीर हो जाएगी। प्राणपुर में आधा दर्जन गांव बाढ़ से प्रभावित महानंदा नदी के जलस्तर में अप्रत्याशित वृद्धि से आधा दर्जन गांव एवं एक दर्जन सड़कें प्रभावित होने से नाव से लोग आवागमन कर रहे हैं। प्राथमिक विद्यालय ग्रामदेवती एवं गजहर बाढ़ के चपेट में आने से पठन पाठन बाधित हो गया है। विधालय प्रांगण में नाव का संचालन हो रहा है। ग्रामदेवती एवं गजहर गांव में 80 घरों के आसपास और गांव के अंदर भी नदी का पानी प्रवेश कर जाने से ग्रामीण विस्थापित होकर तटबंध पर शरण लिए हुए हैं। वार्ड सदस्य पवन कुमार,ग्रामीण कैलाश मंडल,रावण सिंह, प्रमोद सिंह, उमेश सिंह आदि दर्जनों ने बताया कि अंचल की ओर से सिर्फ नाव का संचालन हो रहा है।

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