Featured

दरभंगा : दरभंगा में 4363 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित:सिर्फ 669 के पास है अपनी बिल्डिंग, सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर लगाना है विद्युत कनेक्शन

दरभंगा में बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य को लेकर सरकार भले ही गंभीर है, लेकिन जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों की हालत काफी खराब है। सैकड़ों केंद्रों में शौचालय, पानी से लेकर बिजली तक की व्यवस्था नहीं है। इससे वहां आने वाले बच्चों को जहां परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं अभिभावक भी केंद्रों पर बच्चों को भेजने से कतराते हैं।

शिशु एवं मातृ मृत्यु दर रोकने के लिए सरकार की ओर से तमाम योजनाएं चलाई जा रही है। अति कुपोषित और कुपोषित बच्चों को पोषणयुक्त सामग्री देने के लिए बाल विकास और पोष्टाहार विभाग की ओर से हर गांव में आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं।

केंद्रों पर पोषाहार, दवाएं देने के साथ ही खेल-खेल में बच्चों को पढ़ाया भी जाता है। करीब एक से डेढ़ दशक पहले से चल रहे आंगनबाड़ी केंद्रों पर सुविधाओं के नाम पर हर साल लाखों रुपए खर्च होते हैं। इनमें से अधिकांश पर मूलभूत सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं है। समुचित देखरेख नहीं होने से एक से डेढ़ दशक पहले बने आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन जर्जर हो चुके हैं।

कई भवन तो बैठने लायक तक नहीं है। आंगनबाड़ी केंद्रों की बदहाली का आलम यह है कि शून्य से 5 साल तक के बच्चों को हवा पानी तक के लिए तरसना पड़ता है। जिले के 4363 आंगनबाड़ी केंद्रों में मात्र 669 के पास अपना भवन है। इसे लेकर मानवाधिकार संरक्षण प्रतिष्ठान के जिलाध्यक्ष प्रदीप कुमार चौधरी को सूचना के अधिकार के तहत ICDS कार्यालय की ओर से यह सूचना उपलब्ध कराई गई है।

सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर लगाना है विद्युत कनेक्शन

आइसीडीएस निदेशालय की ओर से पत्र जारी कर नार्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के प्रबंधक निदेशक को कहा है कि सभी संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों पर प्री- पेड सिंगल फेज गैर-घरेलू विद्युत कनेक्शन लगाया जाना है। प्रतिमाह प्रति आंगनबाड़ी केंद्र विद्युत उपभोग की अधिकतम सीमा 50 यूनिट निर्धारित की गई है। विपत्र का भुगतान आईसीडीएस निदेशालय करेगी। इसकी जानकारी सभी जिला के बाल विकास परियोजना पदाधिकारी को दे दी गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *