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मुजफ्फरपुर : जन्म के बाद ही उठ गया था पिता का साया, अब 13 की उम्र में मधुबनी पेंटिंग में भविष्य निखार रहीं अंशिका

अंशिका मधुबनी पेंटिंग, फोटो फ्रेम, सुजनी होप आर्ट और क्राफ्ट का काम करती हैं।

अंशिका कहती हैं कि हमारे समाज में बेटियों को पढ़ाया और आगे बढ़ाया नहीं जाता तो आज यह मुकाम हासिल नहीं होता। अगर हम संकल्प ले लें कि हमें आगे बढ़ाना है तो मंजिल पाना आसान हो जाता है।
मधुबनी पेंटिंग, आर्ट गैलरी और क्राफ्ट के साथ कई हुनर को एक साथ निखार रहीं हैं 13 साल की अंशिका कुमारी। कहते हैं सही उम्र में बच्चों की प्रतिभा अगर माता-पिता पहचान लें और उसे बढ़ावा दें तो बच्चे कमाल कर सकते हैं। ऐसे ही कमाल कर दिखाया है बिहार के मुजफ्फरपुर के बोचहा निवासी अंशिका ने, जिन्होंने कम उम्र में ही अपनी पढ़ाई के लिए और अपने परिवार के लिए न सिर्फ जिम्मेवारी उठा ली है, बल्कि अपने हुनर की बदौलत अन्य को प्रेरणा दे रही हैं।

अंशिका बताती हैं कि मेरा जन्म होते ही मेरे पिता का साया मुझ पर से उठ गया था। उसके बाद मेरी मां ने हमें पाल पोस कर बड़ा किया। घर की आर्थिक स्थिति कुछ ठीक नहीं थी और तब मुझे लगा कि खुद से कुछ करने के लिए और आगे की पढ़ाई के खर्च के लिए खुद को बेहतर, मजबूत और शक्तिशाली बनाना जरूरी होगा।
उन्होंने यह भी बताया कि यह सारा सामान बाजारों से खरीद कर और कुछ घरेलू चीजें उपयोग करके बनाया जाता है। वह मधुबनी पेंटिंग, फोटो फ्रेम, सुजनी होप आर्ट, क्राफ्ट आदि बनाती हैं जो बाजारों में बेचा जाता है। जहां से लोग खरीद कर अपने घर और रूम को आकर्षक बनाते हैं। इसकी अच्छी कीमत भी मिल जाती है और हमारी पढ़ाई का खर्च भी निकल जाता है। वहीं, घर की हालत भी ठीक हो रही है। अब यह सही दिशा में जाने लग गई है। लोग आकर इसकी तारीफ भी कर रहे हैं।

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