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ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के पीजी भूगोल विभाग में ‘विश्व जनसंख्या दिवस’ कार्यक्रम आयोजित

मानव जनसंख्या को अधिक उपयोगी और महत्त्वपूर्ण संसाधन बनाने पर जोर

ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के स्नातकोत्तर भूगोल विभाग में ‘विश्व जनसंख्या दिवस’ अत्यंत गरिमापूर्ण माहौल में मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता भूगोल विभागाध्यक्ष डॉ अनुरंजन ने की। इस अवसर पर विभाग के प्राध्यापक, शोधार्थी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

मुख्य अतिथि के रूप में बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर बिहार विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर के विश्वविद्यालय भूगोल विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ रूपा कुमारी उपस्थित रहीं। वहीं मुख्य वक्ता के साथ BRABU, मुजफ्फरपुर के भूगोल विभाग के ही डॉ सिरिन हयात ने भी अपने विचार साझा किए। अपने संबोधन में मुख्य वक्ता ने विशेष रूप से नारी सशक्तिकरण, जनसंख्या नियंत्रण और महिला स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न गंभीर पहलुओं पर प्रकाश डाला और समाज में जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया।

बढ़ती जनसंख्या अभिशाप नहीं, वरदान”-डॉ अनुरंजन

अध्यक्षीय भाषण देते हुए विभागाध्यक्ष डॉ अनुरंजन ने जनसंख्या के प्रति एक सकारात्मक और नया दृष्टिकोण को सामने रखा। उन्होंने कहा कि “नए भारत और बिहार की बढ़ी हुई जनसंख्या कोई अभिशाप नहीं, बल्कि एक वरदान है। आज हमें केवल सजग होने की आवश्यकता है। यदि हम मानव के भीतर छिपे गुणों को निखारें और उन्हें सही शिक्षा व कौशल प्रदान करें तो हम देश की विशाल आबादी को एक कुशल ‘मानव संसाधन’ के रूप में बदल सकते हैं।”

इस आयोजन को सफल बनाने में विभाग के डॉ रश्मि शिखा, डॉ मनु राज शर्मा और डॉ सुनील कुमार सिंह की सक्रिय भूमिका रही। इसके साथ ही विभाग के शोधार्थी- नन्दन कुमार सत्यम, अभिषेक आकर्ष, सुरभि कुमारी, समद आजम एवं संजय कुमार कामत सहित लगभग 105 छात्र-छात्राओं ने कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और परिचर्चा में भाग लिया।

कार्यक्रम के समापन सत्र में डॉ सुनील कुमार सिंह ने ‘विश्व जनसंख्या दिवस’ मनाने की प्रासंगिकता और इसकी आवश्यकता पर अपनी बात रखी। इसके साथ ही उन्होंने कार्यक्रम में आए सभी अतिथियों, वक्ताओं, शोधार्थियों और विद्यार्थियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।

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